अकालियों को जेल भेजने के नारे ना मारो,सबूत पेश करो- सिरसा
May 8, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष और शिरोमणी अकाली दल के प्रवक्ता मनजिन्दर सिंह सिरसा ने कैप्टन अमरिन्दर सिंह को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह वोटों के लिए अकाली लीडरों को जेल भेजने के नारे न मारे बल्कि बेअदबी कांड में  सबूत पेश करें ।

उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह चुनाव रैलियों में  गुरु ग्रन्थ  साहिब जी की बेअदबी का मुद्दा उठाकर लाभ लेने की नाकाम कोशिश कर रहें हैं जबकि लोग उनकी असलीयत जान चुके हैं और उनकी इन चालों को असफल बना कर रख देंगे। 

श्री सिरसा ने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह एक और बेबुनियाद बयानबाजी कर रहें हैं कि बहिबल कलां में  गोली चलाने के आदेश मुख्य मंत्री के दफ्तर से हुऐ थे। उन्होंने  प्रशन उठाते हुए कहा कि गोली कांड के ढाई साल बीत जाने के बाद अचानक चुनाव के दौरान अमरिन्दर सिंह को ऐसा कौन सा सबूत मिल गया जिसके आधार पर वह कह रहे हैं कि गोली चलाने का हुक्म मुख्य मंत्री दफ्तर से मिला था। 

अकाली नेता ने कहा कि लोक सभा चुनाव में  कांग्रेस पार्टी की नजर आ रही हार को देखते कांग्रेसी मुख्य मंत्री बौखलाऐ हुए है और वोटरों में जाकर गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर सियासत करते हुए झूठ बोल रहे हैं। श्री सिरसा ने कहा कि हाल ही में सिट की तरफ सेे पहली चार्जशीट में  स्पष्ट किया गया है कि गोली चलाने के आदेश कहीं से भी नहीं लिये गये। उन्होंने कहा कि अगर कैप्टन के पास ऐसा कोई सबूत था तो उन्होंने सिट के सामने क्यों  नहीं रखा। 

श्री सिरसा ने अमरिन्दर सिंह को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आपके पास कोई सबूत है तो पेश करो नहीं तो चुनाव में लाभ लेने के लिए अकालीयों को जेल भेजने के नारे न लगाये। दिल्ली कमेटी प्रधान ने पंजाब के मुख्य मंत्री को सलाह देते हुए कहा है कि एक सिख होने के नाते आपको गुरु ग्रंथ साहिब जी के बेअदबी जैसे गंभीर मुद्दों  पर सियासत नहीं करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि आप राजनीती को इतने नीचे स्तर पर ले कर जा रहे हैं कि वोटों  के लालच में  सिख समुदाय की भावनाओं को भी आहत करने से गुरेज नहीं कर रहे। 

श्री सिरसा ने कहा कि विधान सभा चुनाव में  किये गये झूठे वादों से मुख्य मंत्री की कुर्सी हासिल कर और लोगों  से एक भी वादा पूरा न करने के कारण लोगों को स्पष्ट हो चुका है कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह झूठ और फरेब की राजनीति कर रहे है।