अतिरिक्त मुख्य सचिव ने किया मुहाना फल-सब्जी मंडी का निरीक्षण
March 12, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो

जयपुर। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं गोपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी के गोयल ने मंगलवार को जयपुर में मुहाना फल-सब्जी मंडी के निरीक्षण के दौरान मिली खामियां शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव गोयल ने मंडी प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि यह प्रदेश की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी है जिसे हमें आदर्श मंडी के रूप में विकसित करना चाहिए। हमारा प्रयास रहे कि अनुज्ञाधारी व्यवस्थित तरीके से व्यवसाय करें और ले-आउट प्लान में जो जगह जिस कार्य के लिए चिन्हित है वह उसी काम आए। परिसर में प्रभावी सफाई व्यवस्था एवं बेहतर मेंटिनेंस की सख्त जरूरत है। मंडी परिसर एवं नालों की सफाई एवं टूट-फूट ठीक करें। यह सुनिश्चित करें कि मंडी प्लेटफार्म पर ज्यादा से ज्यादा किसान अपनी उपज रख सकें ताकि उन्हें फल-सब्जी के वाजिब भाव मिल सके। जनता की गाड़ी कमाई से यहां पैक हाउस, कैन्टीन सहित कई प्रकार की संरचनाएं बनी हुुई हैं, उनका अधिकतम उपयोग करने के लिए योजना बनाकर राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत करें ताकि किसानों और व्यापारियों को ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके। वर्तमान में इनका कोई उपयोग नहीं हो रहा है। एसीएस गोयल ने मंडी सचिव को पूरे मंडी परिसर का दौरा कर प्रत्येक गेट पर गार्ड की उपस्थिति सुनिश्चित करने और आने-जाने वाले वाहनों का विवरण दर्ज कर माल एवं यूजर चार्ज का पूरा ब्यौरा रखने के निर्देश दिए। मंडी परिसर में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर गोयल ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ठेकेदार फर्म को हर माह लाखों रुपए देने के बावजूद कचरा पड़ा रहना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक समुचित सफाई नहीं हो तब तक पूरा भुगतान नहीं करें। सुधार नहीं होने पर अनुबंध की शर्तों के मुताबिक फर्म को ब्लेक लिस्ट करने की कार्रवाई अमल में लाएं। मंडी सचिव को सप्ताह में दो दिन पूरे परिसर में घूमकर जायजा लेने और व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने निरीक्षण के पश्चात् सफाई व्यवस्था सुदृृढ़ करने के लिए अधिकारियों के साथ चर्चा कर कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।  अतिरिक्त मुख्य सचिव ने आवंटित दुकानों के सामने फुटकर दुकानें लगवाकर अवैध वसूली करने और ऑक्शन प्लेटफॉर्म पर व्यापारियों का सामान रखने जैसी गतिविधियां तुरंत प्रभाव से बन्द करवाने और कानूनन कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडी परिसर में अनाधिकृत चाय, कचोरी एवं पान की दुकानों को मंडी कानून के अनुसार व्यवस्थित ढंग से आवंटित करने के निर्देश दिए ताकि अव्यवस्था नहीं फैले और राजस्व भी मिले। उन्होंने मौजूद किसानों, व्यापारियों एवं खुदरा दुकानदारों से चर्चा कर समस्याएं जानी और अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।  गोयल ने कृषि विपणन विभाग निदेशक ताराचंद मीना को मंडी परिसर में भूमि से संबंधित न्यायिक प्रकरणों की कोर्ट में प्रभावी पैरवी एवं शीघ्र निस्तारण के प्रयास करने के निर्देश दिए। साथ ही मंडी में अवैध बेसमेंट निर्माण नहीं करना सुनिश्चित कराने को कहा।  इस दौरान राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड प्रशासक डॉ. ओमप्रकाश, कृषि विपणन विभाग के निदेशक ताराचंद मीना सहित मंडी प्रशासन से जुड़े अधिकारी मौजूद थे।