अधिकाधिक दिव्यांगजनों को मतदान केंद्र तक लाने के प्रयास किए जाएंगे: जोगाराम
April 2, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो

जयपुर। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. जोगाराम ने कहा कि लोकसभा आम चुनाव-2019 में दिव्यांग मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें मतदान केंद्रों तक लाने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में निर्वाचन विभाग के प्रयासों से एक लाख से ज्यादा दिव्यांगजनों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। डॉ. जोगाराम मंगलवार को सचिवालय में आयोजित स्टेट पीडब्ल्यूडी कोर कमेटी की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निर्वाचन विभाग दिव्यांग मतदाताओं के लिए सुगम और समावेशी निर्वाचन माहौल उपलब्ध कराने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 5.25 लाख से ज्यादा दिव्यांग मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में पंजीकृत हैं। इनमें से अधिकतर मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में अधिकाधिक दिव्यांग मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोडऩे के लिए प्राप्त सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर उमंग स्वयंसेवी संस्थान की निदेशक सुश्री दीपक कालरा ने कहा कि निर्वाचन विभाग के प्रयासों का ही परिणाम है कि विधानसभा चुनाव में दिव्यांग मतदाताओं के प्रति लोगों का नजरिया बदला-बदला सा नजर आया। अधिकतर मतदान केंद्रों पर दिव्यांगजनों की मदद के लिए अधिकारी से लेकर आमजन तक तत्पर दिखे। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों पर मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं का प्रचार-प्रसार ज्यादा से ज्यादा हो तो परिणाम और भी सुखद आ सकते हैं। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान दिवस पर दिव्यांगजनों को मतदान केंद्र तक लाने और छोडऩे के इंतजाम विधानसभा चुनाव में भी किए गए थे। इस चुनाव में इन्हें और व्यापक बनाया जाएगा। विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं से भी सुझाव लिए जाकर उन्हें लोकसभा चुनाव में लागू करने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों का शत-प्रतिशत मतदान हो इसके भी प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर फ्रीलांस डिसेबिलिटी एक्टिविस्ट श्री प्रतीक अग्रवाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विकलांग अधिकार महासंघ के हेमंत भाई गोयल, निदेशालय विशेष योग्यजन के अतिरिक्त निदेशक अमिताभ कौशिक, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी (आईटी) एमएम तिवारी, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद पारीक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।