ईस्टर पर श्रीलंका में हुआ सीरियल ब्लास्ट बेहद निंदनीय: डॉ पीएन अरोड़ा
April 21, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो
 
# यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी में शोक सभा हुई आयोजित, मृतकों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन भी रखा गया
# श्रीलंका सरकार के धैर्य को सराहा और कड़ी कार्रवाई की मांग की
गाजियाबाद। यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी के एमडी डॉ पीएन अरोड़ा ने ईस्टर के मौके पर श्रीलंका में हुए लक्षित सीरियल ब्लास्ट की घोर निंदा की है। रविवार को अस्पताल सभागार में इस घटना के मृतकों की आत्मा की शांति के लिए आयोजित एक शोक सभा में 2 मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी।
 
श्रीलंका में चर्च एवं होटलों में हुए सीरियल ब्लास्ट की घटना पर शोक व्यक्त करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी डॉ अरोड़ा ने कहा कि वह इस अमानवीय घटना से क्षोभ ग्रस्त हैं क्योंकि लगभग 150 से भी ज्यादा लोगों की मौत की सूचना ने उन्हें विचलित कर दिया है एवं उनकी अंतरात्मा दुख से झकझोर उठी है। उन्होंने हमलावरों की भर्त्सना की एवं ऐसी कायराना अमानवीय एवं क्रूर घटनाओं को अंजाम देने की घोर निंदा की।
 
उन्होंने कहा कि श्रीलंका एक शांतिप्रिय देश है, जहां पर इस तरह की आतंकवादी वारदातें पहले भी न के बराबर हुई हैं। अब जबकि भारत के साथ उसके सम्बन्ध पहले से बेहतर होने की दिशा में बढ़ रहे हैं, वहां ऐसी वारदातों का घटित होना चिंता का विषय है। अस्पताल के स्टाफ ने भी सभी की आत्मा की शांति के लिए कामना की।
 
श्री अरोड़ा ने कहा कि जिस तरह से ईस्टर के मौके पर श्रीलंका में चर्च और फाइव स्टार होटलों को निशाना बना 8 जगह सीरियल धमाके किये गए, उसमें कम से कम 158 लोगों की मौत हो गई और 400 लोग घायल हो गए, उसमें 35 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, वह घोर निंदनीय है। इससे भगवान बुद्ध की शांतिप्रिय धरती को एक बार फिर शर्मसार करने का कुचक्र रचा गया है जो सफल नहीं होगा, क्योंकि यह सर्वधर्म समभाव की सोच पर एक करारा तमाचा है। इसकी जितनी भर्त्सना की जाए वह कम है।
 
धमाकों के बाद श्रीलंका की सरकार द्वारा बुलाई गई आपातकालीन बैठक और स्थानीय प्रशासन द्वारा चलाये गए राहत व बचाव के उपायों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह एक सुनियोजित आतंकी कार्रवाई है, जिसका मकसद इस द्वीप को एक बाद फिर अशांत करना हो सकता है। इस लिए विश्व समुदाय को आतंकियों के खिलाफ एकजुट होकर कड़ीं कार्रवाई करनी चाहिए। अरोड़ा ने बम धमाके के बाद श्रीलंका के प्रधानमंत्री द्वारा सुरक्षा समिति की बुलाई गई आपातकालीन बैठक की सराहना करते हुए इसके जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की उम्मीद जताई, जो आगे नजीर बन सके। 
 
उन्होंने कहा कि भले ही अब तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन कौन लोग हो सकते हैं यह अनुमान लगाना मुश्किल नहीं है। उन्होंने कहा कि श्री लंका राष्ट्रपति के राष्ट्रपति मैथरीपाला सिरीसेना इस हमले की खबर के बाद से सदमे में होते हुए भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, जो उनकी महानता है। उन्होंने वहां के वित्त मंत्री मंगला समरवीरा के इस बयान से सहमति जताई कि यह हमला पूरी तैयारी के साथ किया गया, ताकि हत्या कर अराजकता फैलाई जा सके।