उत्तर रेलवे द्वारा 64वां रेल सप्ताह मनाया गया
April 10, 2019 • राकेश रमण

उत्कृष्ट सेवा के लिए 204 कर्मचारियों को सम्मानित किया गया

नई दिल्ली। बोरीबंदर और ठाणे के बीच चली पहली रेलगाड़ी की स्मृति में, भारतीय रेलवे प्रतिवर्ष अप्रैल माह के दौरान रेल सप्ताह का आयोजन करती है ।इस वर्ष उत्तर रेलवे ने 64वां रेल सप्ताह समारोह मना रही है ।  उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक टी.पी. सिंह ने आज  उत्तर रेलवे के  प्रधान कार्यालय, बड़ौदा हाउस नई दिल्ली में आयोजित एक पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता की ।  इस अवसर पर उत्तर रेलवे की अपर महाप्रबंधक अर्चना जोशी, विभिन्न विभागों के प्रमुख विभागाध्यक्ष एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी, उत्तर रेलवे के कर्मचारी, यूनियनों, एसोसिएशनों और फेडरेशनों के सदस्यगण, उत्तर रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा हरिन्दर कौर उत्तर रेलवे महिला कल्याण संगठन की सदस्याएं उपस्थित थीं ।

   समारोह की शुरूआत उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक द्वारा उत्कृष्ट सेवा करने वाले 204 रेलकर्मियों (अधिकारियों एवं कर्मचारियों) को पुरस्कृत करने के साथ हुई ।  कार्य-निष्पादन मानकों के आधार पर महाप्रबंधक द्वारा 15 रनिंग शील्डें प्रदान की गईं ।  लखनऊ और अम्बाला मंडल को संयुक्त रूप से ‘महाप्रबंधक उत्कृष्टता शील्ड’ प्रदान की गई । सभी क्षेत्रों में ‘सर्वश्रेष्ठ कार्य निष्पादन’ के लिए दिल्ली  मंडल को शील्ड प्रदान की गई । फिरोजपुर मंडल और मुरादाबाद मंडल को संयुक्त रूप से मितव्ययिता के लिए पुरस्कृत किया गया । बेस्ट इम्प्रूव्ड डिवीजन शील्ड दिल्ली मंडल को प्रदान की गई । 

      इस अवसर पर महाप्रबंधक ने प्रमुख कार्य क्षेत्रों में उत्तर रेलवे की विभिन्न उपलब्धियों के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी । उन्होंने कहा कि उत्तर रेलवे पूरे उत्साह के साथ राष्ट्र की सेवा कर रही है । भारत की पहली सेमी हाई स्पीड रेलगाड़ी “वंदे भारत एक्सप्रेस” का संचालन उत्तर रेलवे द्वारा किया जा रहा है । उन्होंने कुम्भ मेला 2019 के प्रबंधन के लिए लखनऊ मंडल और अन्य सहयोगियों को धन्यवाद दिया व कहा कि उत्तर रेलवे में  दुर्घटनाओं में 40% की कमी आई है। संरक्षा और गति पर हम विशेष ध्यान दे रहे हैं ।

  श्री सिंह ने कहा कि उत्तर रेलवे पर मौजूद सभी 606 कर्मचारी रहित रेल फाटकों को हटा दिया गया है । उत्तर रेलवे के 30 रेलवे स्टेशनों पर यांत्रिक सिगनल प्रणाली के स्थान पर इलैक्ट्रॉनिक सिगनल प्रणाली लगाई गयी है । पर्यावरण की चिंताओं को समझते हुए उत्तर रेलवे के बेडे में पहला सौर रैक शामिल किया गया है । कालका-शिमला नैरोगेज रेलवे पर विस्टाडोम कोच चलाए गए हैं । कारखानों को ग्रीनको रेटिंग प्रदान की गयी है । दक्षता पुरस्कार जगाधरी कारखाने को दिया गया है । सरदार पटेल मार्ग स्थित रेलवे कालोनी को प्लेटिनम रेटिंग प्रदान की गयी है ।

      महाप्रबंधक ने कहा कि उत्तर रेलवे पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़ाई से काम किया जा रहा है । उत्तर रेलवे वैंडरों को ऑन लाइन भुगतान करने वाली पहली क्षेत्रीय रेलवे बन गयी है । वर्ष 2018-19 में उत्तर रेलवे ने राजस्व अर्जन में 14% की वृद्धि दर्ज की है । वर्ष 2018-19 में समयपालनबद्धता की स्थिति में 71% का सुधार दर्ज किया गया है । एक प्रमुख सेवा क्षेत्र होने के नाते उत्तर रेलवे ने सभी राजधानी, शताब्दी रेलगाड़ियों में चल टिकट परीक्षकों को 232 हैंड हैल्ड टर्मिनल उपलब्ध कराए हैं । मालभाड़ा क्षेत्र  में उत्तर रेलवे ने  230 लम्बी दूरी की रेलगाड़ियों के संचालन से बेहतर प्रदर्शन किया है ।

      महाप्रबंधक ने बताया कि कर्मचारी कल्याण की दिशा में उत्तर रेलवे ने अनेक उपाय किए हैं । इनमें केन्द्रीय  अस्पताल में नई ओ.पी.डी., नया ऑन्कोलॉजी विभाग, नया आपातकालीन विभाग (20 बिस्तरों वाला) जैसे सुविधाएं शामिल हैं । संभावित दुर्घटनाओं को टालने वाले संरक्षा कोटि के 120 कर्मचारियों को भी पुरस्कृत किया गया है । महाप्रबंधक ने लाइन स्टाफ कर्मचारियों से अपील की कि रेल पटरियों पर कार्य करते समय संरक्षा का विशेष ध्यान रखें । उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कर्मचारियों को रक्षक जैकेटें प्रदान की गयी हैं । महाप्रबंधक ने पुरस्कार विजेताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि वे भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट कार्य करते रहें । उन्होंने रेल कर्मचारियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास रेलवे को नई ऊँचाईयों तक ले जाने में सहयोग देंगे ।