उद्यमियों व कारोबारियों को प्रतिबन्धित प्लास्टिक का प्रयोग न करने हेतु नगर आयुक्त द्वारा दिलायी गयी शपथ
April 2, 2019 • कमलेश पांडे
# नगर निगम में प्लास्टिक की पैकेजिंग व थैली के उत्पादकों व विक्रेताओं की हुई बैठक
# एक उद्यमी ने सहर्ष स्वीकार किया अपराध और बतौर जुर्माना 25,000 रुपए का चेक निगम को प्रदान करके पेश की मिशाल
गाजियाबाद। नगर आयुक्त दिनेश चन्द्र द्वारा मंगलवार को नगर निगम सभागार कक्ष में नगर निगम सीमान्तर्गत प्लास्टिक की पैकेजिंग एवं थैली के उत्पादकों व विक्रेताओं को प्रतिबन्धित प्लास्टिक के प्रयोग न करने के सम्बन्ध में केंद्र व राज्य सरकार के अधिनियमों की सुसंगत धाराओं के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी। साथ ही, प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए आगन्तुक लोगों को नगर आयुक्त द्वारा शपथ भी दिलाई गई।
 
सर्वप्रथम, नगर आयुक्त ने बैठक में उपस्थित सभी प्लास्टिक की पैकेजिंग एवं थैली के उत्पादकों व विक्रेताओं को उप्र प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूडा-कचरा (उपयोग और निस्तारण का विनियमन) (संशोधन) अध्यादेश, 2018 व प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन अधिनियम-2016 एवं ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियमावली-2016 के अन्तर्गत प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा-कचरा से सम्बन्धित धाराओं के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी गयी। जिसमें प्लास्टिक का प्रयोग करने पर जुर्माने व जुर्माना लगाने के बावजूद भी बार-बार प्लास्टिक का प्रयोग करने पर कारावास आदि का भी उल्लेख है। 
 
तदोपरान्त, बैठक में उपस्थित उत्पादकों व विक्रेताओं के सभी प्रश्नों व जिज्ञासाओं के बारे में भी नगर आयुक्त द्वारा विस्तार से उत्तर व अन्य आवश्यक जानकारी दी गयी।  इसके अतिरिक्त नगर आयुक्त द्वारा बैठक में उपस्थित सभी को गीले कूड़े से बनाये जाने वाले कम्पोस्ट के बारे में भी नगर निगम द्वारा तैयार प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अवगत कराया गया कि प्लास्टिक की पैकेजिंग एवं थैली के उत्पादकों व विक्रेताओं को इस सम्बन्ध में भी जानकारी दी गयी कि उप्र सरकार द्वारा प्लास्टिक से बनी सामग्री जिनमें थैली, कप-प्लेट, दोनें, चम्मच, गिलास आदि को विगत वर्ष 2 अक्टूबर, 2018 से पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित कर दिया गया है। 
 
बैठक में उपस्थित प्लास्टिक की पैकेजिंग एवं थैली के उत्पादकों व विक्रेताओं को प्लास्टिक की थैली व प्लास्टिक की पैकेजिंग के सम्बन्ध में मार्किंग व लेबलिंग के विषय में उपयोग होने वाले विभिन्न चिन्हों के बारे में भी समझाया गया।  जिसके बाद, बैठक में उपस्थित 
प्रमोद जैन प्लास्टिक विक्रेता द्वारा प्लास्टिक की थैली के विक्रेता द्वारा कुछ नमूने नगर आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत किये गये, जिन पर उत्पादक का नाम, पता व उसकी गुणवत्ता अंकित थी तथा उसका उपयोग केवल एक ही बार किया जा सकता है। इस पर नगर आयुक्त द्वारा प्राप्त नमूने को विस्तृत जांच हेतु उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गाजियाबाद के प्रतिनिधियों को हस्तगत कर आख्या प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। 
 
इसके अतिरिक्त, नगर आयुक्त प्लास्टिक सामग्री के उत्पादक व आयातक एवं ब्राण्ड स्वामियों को उनके दायित्वों के प्रति अवगत कराया गया। साथ ही, ऐसे प्रतिष्ठान जो विक्रय किये जाने वाले उत्पादों की पैकेजिंग हेतु प्लास्टिक की थैली आदि का प्रयोग करते हुए उनको अपने स्थानीय निकाय में पंजिकरण कराने के साथ-साथ प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन के अन्तर्गत शुल्क भी प्रतिमाह जमा कराना अनिवार्य है। बैठक में अपर नगर आयुक्त, जोनल सैनेट्री आफिसर, नोडल अधिकारी (एसबीएम) व उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गाजियाबाद के विभिन्न अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। 
 
विचार-विमर्श उपरान्त सभी उत्पादकों व विक्रेताओं ने नगर आयुक्त एवं बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को आश्वस्त किया कि उप्र प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूडा-कचरा उपयोग और निस्तारण का विनियमन संशोधन अध्यादेश, 2018 व प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन अधिनियम-2016 एवं ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियमावली-2016 का अनुपालन किया जायेगा। इसके बाद, नगर आयुक्त द्वारा उपस्थित सभी को प्रतिबन्धित प्लास्टिक का प्रयोग न करने व न करने देनें के सम्बन्ध में शपथ भी दिलायी गयी।
 
शपथ के तत्काल बाद प्रमोद जैन प्लास्टिक विक्रेता द्वारा स्वतः ही इस बात को स्वीकार किया गया कि उनके पास प्रतिबन्धित 5 किलोग्राम प्लास्टिक सामग्री का भण्डार है। जिसके लिये वे जुर्माना देने के लिये सहर्ष तैयार हुये और कहा कि हम सभी को ऐसी प्रतिबन्धित प्लास्टिक का परित्याग करना चाहिए। तदोपरान्त श्री जैन द्वारा प्रतिबन्धित 05 किलोग्राम प्लास्टिक सामग्री को नगर निगम में जमा कराते हुए एक जिम्मेदार नागरिक का दायित्व निभाते हुए अर्थदण्ड के रूप में 25,000 रुपए  का जुर्माना भी जमा कराया गया। प्रमोद जैन द्वारा किया गया यह कृत्य सभी के लिये एक उदाहरण बनेगा, जिससे सभी प्रतिबन्धित प्लास्टिक का परित्याग करने हेतु प्रेरित होंगे। नगर आयुक्त द्वारा भी उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की गयी तथा सभी उपस्थित व्यापारी भाईयों से अनुरोध किया कि प्रतिबन्धित प्लास्टिक का परित्याग करें अन्यथा जांच-पड़ताल में दोषी पाये जाने पर उप्र प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूडा-कचरा उपयोग और निस्तारण का विनियमन संशोधन अध्यादेश, 2018 व प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन अधिनियम-2016 एवं ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियमावली-2016 में दिये गये प्रावधानों के अन्तर्गत अर्थदण्ड का अधिरोपण किया जायेगा।