एक बार फिर कांग्रेस मुक्त भारत पर संग्राम
July 11, 2019 • बाल मुकुन्द ओझा

(बाल मुकुन्द ओझा)

भाजपा के कांग्रेस मुक्त भारत के नारे पर संसद से सड़क तक एक बार फिर संग्राम छिड़ गया है। कर्नाटक में बागी विधायकों के इस्तीफों पर सियासत में मारकाट मच गई है। मामला सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचा और लगता है कर्णाटक की कांग्रेस जेडी एस सरकार अब कुछ दिनों की रह गयी है। इसी बीच भाजपा ने गोवा में कांग्रेस मुक्त भारत की और कदम बढ़ा दिए जहाँ 15 में से 10 कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हो गए। बंगाल में पहले से ही यह चल रहा है जहाँ तृणमूल कांग्रेस सहित कांग्रेस और सीपीएम के विधायक जय श्री राम का नारा बुलंद कर भगवा झंडे को थाम रहे है।
कांग्रेस में हाहाकार मचा हुआ है। एक के बाद एक कई नेता, मंत्री और विधायक पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं। इसके बाद एक बात तो तय है भाजपा का कांग्रेस मुक्त भारत का सपना जरूर पूरा हो जाएगा। कर्नाटक में इस गठबंधन सरकार को बने अभी 14 महीने ही हुए हैं और जैसी अभी स्थिति है उसे देखकर तो लगता है कि जेडीएस-कांग्रेस का गठबंधन ख़तरे में है। सरकार के 16 विधायक विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। इसके पीछे राज्य में बीजेपी के ऑपरेशन कमल का महत्वपूर्ण योगदान रहा जो सदस्य इस्तीफा देकर आएंगे उन्हें भविष्य में बीजेपी के टिकट से चुने जाने का वादा किया गया है ठीक ऐसा प्रयोग 2008 में भी हुआ था।
भाजपा साफ तौर पर कह रही है हम बापू का सपना पूरा कर रहे है जिन्होंने कांग्रेस को समाप्त करने की बात कही थी। भाजपा अध्यक्ष एक कदम आगे बढाकर कांग्रेस भारत छोड़ों का आंदोलन छेड़े हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है आजादी के बाद खुद महात्मा गांधी चाहते थे कि कांग्रेस को तोड़ दिया जाए। उन्होंने कहा कि 2019 का साल महात्मा गांधी की 150वीं जयंती का वर्ष है और महात्मा गांधी को श्रद्धांजली के तौर पर कांग्रेस मुक्त भारत का काम करना ही करना है। मोदी ने कहा कि श्कांग्रेस मुक्त भारतश् का नारा उन्होंने नहीं दिया है बल्कि ये राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सपना था जिसे वे पूरा कर रहे है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है की आरएसएस कांग्रेस मुक्त भारत के पीछे है और भाजपा इसी संगठन के इसारे पर कांग्रेस को तोड़ने में लगी है। वहीँ इस आरोप पर पलटवार करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत जैसे नारे राजनीतिक मुहावरे हैं न कि संघ की भाषा का हिस्सा। आरएसएस को अपना वैचारिक मातृ संगठन मानने वाली बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने अक्सर कांग्रेस मुक्त भारत की बात की है।
बहरहाल एक बार फिर संसद से सड़क तक कांग्रेस मुक्त भारत पर संग्राम छिड़ा है और पक्ष एवं विपक्ष अपने अपने आरोपों की धार तेज किये हुए है। ताजा संग्राम कर्नाटक की सत्ता को लेकर चल रहा है।