एमिटी इंटरनेशनल स्कूल वसुंधरा सेक्टर एक अब नाम कटे बच्चों को नहीं देगा प्रवेश
May 5, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो
 
# अभिभावक हुए एकजूट, कल बच्चों समेत जाएंगे स्कूल
# बच्चों को प्रवेश नहीं मिलने पर वहीं से इंदिरापुरम थाना कूच करेंगे अभिभावक, वहां बात नहीं बनी तो जाएंगे जिलाधिकारी कार्यालय गाजियाबाद
गाजियाबाद। एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, वसुंधरा सेक्टर-1 के प्रबंधन और हाल ही में नाम काटे गए बच्चों के अभिभावकों में टकराव बढ़ने के आसार प्रबल हैं। क्योंकि जिन बच्चों की फीस अप्रत्याशित शुल्क वृद्धि  विवाद के चलते समय पर जमा नहीं हो पाई है, उन सभी बच्चों के नाम गत 29 अप्रैल को स्कूल से काट दिए गए  और फिर सम्बन्धित अभिभावकों को सूचित कर दिया गया कि अब उनके बच्चों को विद्यालय में प्रवेश नहीं मिलेगा।
 
खबर है कि विद्यालय अब उन्हीं बच्चों को इस स्कूल में पुनः प्रवेश देगा जो फिर से यहां प्रवेश पाने की प्रक्रिया पूरी करेंगे और स्कूल द्वारा दिये गए प्रारूप के मुताबिक शपथ पत्र देंगे। विद्यालय ने संकेत दिया है कि जो अभिभावक पुनः प्रवेश की दोनों प्रक्रिया पूरी करेंगे, उन्हीं के बच्चों के प्रवेश के बारे में विचार करेगा। यही वजह है कि अभिभावक इन नई शर्तों से परेशान नजर आ रहे हैं और गोलबंद हो रहे हैं।
 
एक अभिभावक ने बताया कि इस स्कूल में भी भारी फीस वृद्धि को लेकर विवाद चल रहा है। इस बीच स्कूल प्रबंधन ने गत 15 अप्रैल को बकाया फीस जमा करने का एक इनवॉइस दिया, जिसमें फीस जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल दी गई थी। उसके बाद 27 अप्रैल को शाम 4 बजे विद्यालय प्रबंधन ने उन सभी अभिभावकों को जिनकी फीस उस दिन तक जमा नहीं हुई थी, एक ईमेल भेजा कि आपके बच्चे का नाम स्कूल से काट दिया गया है, इसलिए आप तुरन्त फीस जमा करें।
 
अभिभावकों के मुताबिक, इससे परेशान अभिभावक 29 अप्रैल सोमवार को अपनी अपनी फीस का चेक लेकर सुबह साढ़े आठ बजे स्कूल गेट पर पहुंचे एवं चेक जमा करने से पहले स्कूल की प्रधानाचार्या से मिलने की इच्छा व्यक्त की। लेकिन अभिभावकों को शाम साढ़े चार बजे तक इंतजार करवाने के बाद भी प्रधानाचार्या स्कूल से निकल गईं और अभिभावकों से नहीं मिलीं।
 
इससे निराश हुए अभिभावकों ने सभी चेक इकट्ठा करके स्कूल गेट पर लगे चेक ड्राप बॉक्स में रात साढ़े आठ बजे डाल दिये और इस बात की सूचना अभिभावकों के सामने ही सुरक्षा गार्ड ने फोन के द्वारा स्कूल की एकाउंट अफसर को दे दी। लेकिन हैरत तब हुई जब उसी रात 2 बजकर 11 मिनट पर उन सभी अभिभावकों को ईमेल द्वारा सूचित किया गया कि आपके बच्चों का नाम काटा जा चुका है। इसलिए विद्यालय द्वारा तय की गई कुछ अपरिहार्य अनिवार्यताओं को जो अभिभावक पूरा करेंगे, अब उन्हीं के बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा। 
 
यही वजह है कि सम्बन्धित अभिभावकों ने एकजूट होकर गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन की स्थानीय इकाई से सहयोग मांगा है और विद्यालय प्रशासन की हठधर्मिता के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने की ठान ली। इससे सम्बन्धित एक आवेदन पत्र भी सोशल मीडिया में बायरल कर दिया गया है, जिससे सोमवार को विद्यालय पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के साथ हंगामा बढ़ने के भी आसार प्रबल हैं। 
 
विद्यालय के एक अभिभावक संतोष रस्तोगी ने बताया कि कल सुबह सभी अभिभावक स्कूल में बच्चों को लेकर जाएंगे, लेकिन स्कूल प्रबंधन यदि नाम काटे हुए बच्चों को विद्यालय में प्रवेश देने के सवाल पर अड़ियल रवैया अपनाता है तो सभी अभिभावक बच्चों सहित वहां से इंदिरापुरम थाना चले जाएंगे और विद्यालय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाएंगे। वहां भी बात यदि नहीं बनी तो वहीं से सीधे जिलाधिकारी कार्यालय भी चले जाएंगे। इस मौके पर अभिभावकों ने मीडिया कर्मियों को भी आमंत्रित किया है। क्योंकि स्कूल ने कहा है कि नाम काटे हुए बच्चों को स्कूल में कल 6 मई से प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। 
 
इस सम्बन्ध में स्कूल के एडमिन हेड अरुण चौधरी ने बताया कि इस मामले में आधिकारिक वक्तव्य के लिए आपको प्रतीक्षा करनी होगी, क्योंकि वह हेड ऑफिस से ही विद्यालय प्रवक्ता द्वारा दी जाएगी, जिनका नाम और नंबर उन्हें मालूम नहीं है। इसलिए समाचार लिखे जाने तक उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। जब मिलेगी तो उससे भी पाठकों को अवगत करवाऊंगा।