एलकेजी की छात्रा का यौन उत्पीड़न पर भड़के अभिभावकगण
April 25, 2019 • कमलेश पांडे
# विद्यालय पहुंचकर किया हंगामा, फिर थाना जाकर दी शिकायत
# पुलिस ने पीड़ित नन्हीं बच्ची को मेडिकल टेस्ट के लिए भेजा अस्पताल
 
गाजियाबाद। महानगर के एक नामी गिरामी प्राइवेट स्कूल में नन्हीं बच्ची के सेक्सुअल हेरेशमेंट की खबरों से नगरवासी स्तब्ध हैं। इस घटना से विचलित अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया है। उधर, मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने बच्ची को मेडिकल के लिए सरकारी अस्पताल भेजा है।
 
बता दें कि शहर के पॉश इलाके शास्त्रीनगर के एक नामचीन स्कूल में एलकेजी की अबोध छात्रा से सेक्सुअल हेरेशमेंट का मामला प्रकाश में आया है। जिसके बाद आक्रोशित अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर खूब हंगामा किया। खबर है कि पहले पीड़िता की मां ने विद्यालय को इस मामले में आवेदन देकर सूचित किया और एक मेडिकल रिपोर्ट भी दी। लेकिन स्कूल प्रबंधकों द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं किए जाने पर क्षुब्ध परिजनों ने थाना कविनगर में इस सम्बन्ध में एक रिपोर्ट दर्ज कराई है।
 
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बुधवार को स्कूल से एलकेजी की छात्रा जब घर पहुंची तो न केवल उसके कपड़े गंदे थे, बल्कि उसकी पेंटी और शाक्स भी नदारत थी। इसके अलावा, वह बच्ची भी बहुत डरी सहमी हुई सी थी। उसकी इस अवस्था को देखकर जब उसकी मां ने उससे पूछा तो उसने अपने प्राइवेट पार्ट्स में दर्द होने की शिकायत की। उसके बाद जब उसकी मां ने देखा तो वहां सबकुछ सामान्य नहीं था, बल्कि एक जगह खंरोच भी दिखाई दी। फिर वो अपनी बच्ची को लेकर एक डाक्टर के पास गई तो उस डाक्टर ने इंफेक्शन बताया। इस बीच जब बच्ची ने अपने प्राइवेट पार्ट्स पर चोट आने की मौलिक वजह बताई तो उसकी मां बौखला गई। क्योंकि बच्ची को यौन उत्पीड़न करने के दौरान उसे पीटा भी गया था। फिर महिला ने डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट लेकर घर आ गई और स्कूल की प्रधानाचार्या के नाम एक आवेदन पत्र तैयार किया, जिसमें उसने पूरा वृतांत दर्ज किया। 
 
उसके बाद गुरुवार की सुबह बच्ची के अभिभावक तथा पेरेंट्स् टीचर एसोसिएशन के पदाधिकारी स्कूल पहुंचे, लेकिन स्कूल के सुरक्षा गार्ड्स ने उन्हें प्रधानाचार्या या विद्यालय प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारी से मिलने नहीं दिया। जिससे उबालकर परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय चौकी प्रभारी धर्मेंद्र बालियान वहां पहुंचे। जिनके समक्ष परिजनों ने आरोपी शिक्षक और शिक्षिका को गिरफ्तार करने की मांग रखी। फिर, सभी लोग थाने गए और लिखित में पुलिस से शिकायत की। उसके बाद, पुलिस ने पीड़ित बच्ची को मेडिकल करवाने के लिए सरकारी अस्पताल में मेडिकल भेजा है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
 
जानकारों का कहना है कि इस नामी गिरामी स्कूल में घटित हुआ यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी एक बच्चे से हुई मारपीट के मामले को लेकर एक महिला ने अपने हाथ की नस काट कर यहां आत्महत्या का प्रयास किया था। जो मामला रफा-दफा कर दिए जाने की चर्चा आम है।