केन्द्र सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के समग्र कल्याण के लिए संकल्पबद्ध है-पुरूषोत्तम रूपाला
July 24, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली और उत्तर-प्रदेश के आर्थिक व समाजिक रूप से वंचितो के सशक्तिकरण के लिए काम करने वाली एनजीओ 'फॉर ऑल' “सबका साथ सबका दोस्त“ ने आज सितारा नामक एक कार्यक्रम की शुरूआत की जिसके अन्तर्गत विभिन्न वोकेशनल कोर्स के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उन्हें सिलाई-कढ़ाई, सौन्दर्य मेहन्दी कला सिखाई जाती है। सितारा कार्यक्रम की अध्यक्षता सोनिया गुरनानी ने की।
 
इस संस्था ने अल्पसंख्यक मंत्रालय के साथ मिलकर एक दिन के सेमिनार का आयोजन किया जिसको भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व दिल्ली के प्रभारी श्याम जाजू और केन्द्रीय मंत्री पुरूषोत्तम रूपाला, समाजिक व अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने सम्बोधित किया। समारोह के समापन के बाद वोकेशनल कोर्स में टॉप करने वालों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एनडीएमसी के अध्यक्ष नरेश कुमार उपस्थित थे।
 
उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुये राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व दिल्ली के प्रभारी श्याम जाजू ने कहा कि एनजीओ फॉर ऑल दिल्ली व उत्तर-प्रदेश में समाज के सशक्तिकरण के लिए काम कर रहा है जिसकी जितनी भी सराहना की जाये वह कम है। सरकार तो राज्यों में आर्थिक व सामाजिक रूप से कमजोर लोगों के लिए काम करती ही है लेकिन जब ऐसी समाजिक संस्थाए निःस्वार्थ भाव से समाज में शोषित, पीड़ित, वंचित के उत्थान के लिए आगे आती है तो समाज का सर्वागिण कल्याण निश्चित है। मोदी सरकार सबका साथ, सबका विकास सबके विश्वास के साथ करने के लिए प्रतिबद्ध है। समाजिक कल्याण के लिए अन्त्योदय के आदर्श को कार्यप्रणाली में शामिल कर सभी के कल्याण की चिन्ता करना प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की विशेषता है।उन्होंने कहा कि सामाजिक व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को सशक्त करने के लिए मोदी सरकार की विभिन्न योजनाओं के अलावा फॉर ऑल जैसी गैर सरकारी संस्थायें हैं जो समाजिक कल्याण के लिए काम कर रही है। सामाजिक विकास में गैर सरकारी संस्थाओं का योगदान अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
 
केन्द्रीय मंत्री  पुरूषोत्तम रूपाला ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता में आते ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के समग्र कल्याण के लिए संकल्पबद्ध होकर काम किया है। पहले की सरकारों ने समाजिक कल्याण के नाम पर केवल लूट मचाई है लेकिन देश में मोदी सरकार ने समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को ही अपना लक्ष्य माना है।