गाजियाबाद में संगीनों के साए में 57 फीसदी से अधिक हुआ मतदान
April 11, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो
# शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान करवाने का प्रशासनिक दावा हुआ सफल
 
# कहीं ईवीएम खराब तो कहीं वोटर लिस्ट से नाम गायब होने की भी मिली शिकायतें
 
# कड़ी धूप में इधर उधर भटकते रहे वोटर लिस्ट में नाम विहीन मतदाता, नहीं काम आई कोई मिन्नत और आरजू
 
# वोटर लिस्ट में नाम या पते की भी खूब गड़बड़ी मिली
 
 
गाज़ियाबाद। गुरुवार को गाजियाबाद लोकसभा सीट के लिए भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच मतदान सम्पन्न  हुआ। प्रशासन की तमाम तैयारियों और दावों के बीच मतदान प्रतिशत में कोई उल्लेखनीय बढोत्तरी नहीं दर्ज हुई। समाचार लिखे जाने तक 57 प्रतिशत से अधिक मतदान होने की खबर है।  
 
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यहां के पांच विधानसभा क्षेत्रों यथा- गाज़ियाबाद में 55 प्रतिशत, लोनी में 60 प्रतिशत, साहिबाबाद में 58 प्रतिशत, मुरादनगर में 58  प्रतिशत (सभी गाजियाबाद जनपद) और धौलाना में 62 प्रतिशत (हापुड़ जनपद) मतदान होने की खबर है। कहीं कहीं पर 6 बजे की मतदान की अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी लोग लम्बी लाइनों में खड़े दिखे और मतदान किये। 
 
इस प्रकार, भाजपा के निवर्तमान सांसद वीके सिंह, कांग्रेस की युवा महिला प्रत्याशी डॉली शर्मा, सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी सुरेश बंसल, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के प्रत्याशी हरेंद्र कसाना सहित निर्दलीय और छोटे-बड़े अन्य दलों के कुल 12 प्रत्याशी  की किस्मत आज ईवीएम में बंद हो गई। अब 23 मई को पता चलेगा कि गाजियाबाद का सिकन्दर कौन बनेगा।
 
उधर, गुरुवार सुबह शुरू हुई मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए गाज़ियाबाद प्रशासन ने जनपद की सभी सीमाएं सील कर दी थीं। लगभग सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर अर्धसैनिक बलों की 12 कंपनी तैनात की गई थी। 
 
बता दें कि गाज़ियाबाद में लगभग 57 प्रतिशत वोटिंग हुई। गाज़ियाबाद सीट से कांग्रेस उम्मीदवार डॉली शर्मा ने सूर्य नगर के पोलिंग सेंटर पर अपना मतदान किया। अन्य नेताओं ने भी अपने अपने बूथों पर अपना अपना मतदान किया। हालांकि, कड़ी धूप ने मतदाताओं को काफी परेशान कर दिया, लेकिन समझदार मतदाता छाता लगाकर अपने अपने एनएमबीआर के लिए लाइन मे लगे रहे और अपनी बारी आने पर वोट डाले।
 
हैरत की बात तो यह है कि लंबे समय से एक ही पते पर रहने वाले लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब मिले, जबकि पार्टी प्रत्याशी उनकी पर्चियां तक घर पहुंचा आये थे। इससे कड़ी धूप में उन्हें नाम ढूंढने के लिए बूथों पर भटकते हुए भी देखा गया। कुछ उत्साही युवाओं ने अन्य विकल्प भी तलाशे, लेकिन निराशा हाथ लगी। वैशाली सेक्टर 6 स्थिति मिलिंद अकादमी मतदान केंद्र से सुश्री अंजलि चौधरी को भी निरशापूर्वक घर लौटते हुए देखा गया। 
 
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, विजय नगर के दारा सिंह स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर भी बड़ी संख्या में लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब मिले, जिससे लोग नाराज रहे। इस दौरान वोट डालने आए विकलांग मतदाताओं को व्हीलचेयर भी कभी कभी नहीं मिली, जिससे वे लौट गए। कई जगहों पर ईवीएम खराब हो गए, जिसे ठीक करके चलाया गया। वहीं, शांतिनगर रामेश्वर मैरिज हॉल के सामने सरकारी स्कूल में करीब डेढ़ घण्टे तक ईवीएम  मशीन खराब रहा, जिससे लोग परेशान हो गए, क्योंकि अपने अपने केंडिडेट के लिए लोग वोटिंग नहीं कर पा रहे थे। मशीन खराब होने से लोगों का गुस्सा आसमान पर पहुंच गया था। जिसे प्रशासनिक सूझबूझ से नियंत्रित किया गया।
 
गौरतलब है कि जनपद में मतदान के लिए कुल 693 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जिनमें कुल 3041 पोलिंग बूथ पर लगभग शांतिपूर्वक वोट डाले गए। यह बात दीगर है कि सियासी आरोप-प्रत्यारोप लगाने में भी नेता और उनके कार्यकर्ता एक दूसरे से पीछे नहीं रहे।