गिरिराज सिंह की नवादा सीट पर फंसा पेंच
March 9, 2019 • राकेश रमण

पटना। बिहार की नवादा लोकसभा सीट को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सस्पेंस बरकरार है। केंद्रीय मंत्री व भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह यहां के सांसद है। लेकिन जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह के लिए मुंगेर की सीट छोडने के एवज में लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) अपनी सांसद वीणा देवी के लिए यह सीट मांग रही है। 1996 से बीजेपी के पास रही नवादा सीट 2014 के लोकसभा चुनाव को छोड़ दें तो बीजेपी व जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) बिहार में 1996 से गठबंधन में चुनाव लड़ते रहे हैं। तब से ही यह सीट बीजेपी के कोटे में रही है। 1996 में बीजेपी के कामेश्वर पासवान, 1999 में संजय पासवान, 2009 में भोला सिंह यहां से चुनाव जीत चुके हैं।

2014 के चुनाव में बीजेपी के भोला सिंह के बेगूसराय चले जाने के बाद गिरिराज सिंहयहां से चुनाव जीते। ललन सिंह कर रहे मुंगेर सीट पर तैयारी इस बार दुष्कर्म के जुर्म में जेल की सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के राजबल्लभ यादव चुनाव नहीं लड़ सकते। लेकिन एनडीए में इस सीट को लेकर घमासान हैजेडीयू नेता व बिहार सरकार में मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने छह महीना पहले से ही मुंगेर से चुनाव लडने की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में एलजेपी की सांसद वीणा सिंह के लिए क्षेत्र बदलना अपरिहार्य हो गया है। नवादा सीट पर एलजेपी कर रही दावा एलजेपी सांसद वीणा देवी के पति सूरजभान सिंह 2009 में आरजेडी-एलजेपी गठबंधन में नवादा से चुनाव लड़ चके हैं। वे बीजेपी के भोला सिंह के मुकाबले चुनाव हार गए थे। ऐसे में एलजेपी इस सीट पर दावेदारी कर रही है। एलजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस का कहना है कि एनडीए में जेडीयू के फिर से शामिल होने की वजह से हमारी एक सीटिंग सीट मुंगेर ली जा रही है तो इसके बदले में भूमिहार बहुल सीट चाहिए। नवादा से वीणा देवी के पति सूरजभान चुनाव लड़ चुके हैंऐसे में एलजेपी का इस सीट पर दावा स्वाभाविक है। सीट को ले बीजेपी के अपने तर्क इधर बीजेपी नेताओं का इस सीट को लेकर अलग तर्क है। संघ और बीजेपी नेताओं का मानना है कि यह सीट परम्परागत रूप से उनकी रही है। पिछले छह लोकसभा चुनावों में चार बार यहां से बीजेपी जीती है। दूसरा तर्क यह दिया जा रहा है कि जेडीयू के लिए अपनी सीटिंग सीट छोड़ रही है तो जेडीयू उसे अपने कोटे की कोई सीट छोड़े। बहरहाल, नवादा सीट से एलजेपी की दावेदारी से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह खिन्न है। उन्होंने नेतृत्व को भी साफ कर दिया हैकि चुनाव लडना होगा तो वे नवादा से ही लड़ेंगे। वे इन दिनों अस्वस्थ होकर दिल्ली में इलाज करा रहे हैं। पिछले दिनों पटना के गांधी मैदान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्प रैली में उनकी अनुपस्थिति को भी इसी नाराजगी से जोड़ा रहा रहा है।