गृह मंत्रालय ने शत्रु सम्पत्ति को ले कर डीएम को दोबारा भेजा रिमाइंडर
August 23, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो
गाजियाबाद। मोदीनगर तहसील के सीकरी गांव में 597 बीघा अरबों रूपयों की एनिमी प्रॉपर्टी (शत्रु सम्पत्ति) पाकिस्तानी नागरिक के नाम चढ़ा देने के मामले पर गृह मंत्रालय ने दोबारा रिमाइंडर पत्र जिलाधिकारी को भेजा है। गृह विभाग के ऑफिस ऑफ द कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी फॉर इंडिया के कस्टोडियन सुदर्शन लाल शाह ने डीएम अजयशंकर पांडे से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। गृह विभाग के कस्टोडियन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट पर मोदीनगर तहसील प्रशासन ने उदासीन रवैया अपनाया हुआ है। जिला प्रशासन की ओर से छह बार रिमाइंडर पत्र भेजे जाने के बावजूद अभी तक आख्या नहीं भेजी गयी है, जिससे कीमती भूमि को लेकर कार्यवाही की जा सके। एडीएम प्रशासन ने एसडीएम के इस रूख पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए तीन दिन के भीतर आख्या ना देने पर कार्यवाही की चेतावनी दे डाली है।
 
बता दें कि गांव सीकरीखुर्द में प्रशासन की ओर से 597 बीघा छह बिस्वा शत्रु सम्पत्ति चिन्हित की गई थी, जिसके अधिकांश हिस्से पर लोगों का कब्जा है। सीकरी गांव में करीब 900 करोड़ रुपये की इस कीमती भूमि पर आजादी से पहले मुस्लिम परिवार का हक था, लेकिन बंटवारे के वक्त वह परिवार पाकिस्तान चला गया। इसके बाद नियमानुसार संपत्ति पर सरकार का हक होना चाहिए था, लेकिन लंबे समय तक जमीन का पता नहीं चला। बीते वर्ष जुलाई माह में तहसीलदार ने संबंधित जमीन पाकिस्तान जा चुके व्यक्ति के नाम पर रिकॉर्ड में चढ़ा दी। इस मामले में तत्कालीन डीएम रितु माहेश्वरी को शिकायत मिली, तो जांच बैठा दी गई। जांच कमेटी ने रिपोर्ट दी कि अरबों रूपयों की इस संपत्ति पर सरकार का अधिकार है। क्योंकि संबंधित व्यक्ति देश छोड़कर पाकिस्तान जा चुका है।
 
पाकिस्तानी नागरिक के नाम भूमि चढ़ जाने का मामला गृह मंत्रालय के समक्ष पहुंच गया है। गृह मंत्रालय के शत्रु सम्पत्ति के कस्टोडियन सुदर्शनलाल शाह ने डीएम से इस संबंध में गत माह विस्तृत आख्या देने को कहा है, जिसमें पाकिस्तानी नागरिक अलीमुद्दीन के नाम यह प्रॉपर्टी चढ़ी है, उसका पूरा पता, उसका विवरण तथा उसकी जमीन संबंधित फोटोग्राफ के अलावा पूरी विडियोग्राफी सहित रिपोर्ट तलब की है। डीएम अजयशंकर पांडे की ओर से इस प्रकरण का जांच अधिकारी एडीएम प्रशासन जितेंद्र कुमार शर्मा को बनाया गया है।
 
प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो गृह मंत्रालय के एनिमी प्रोपर्टी विभाग ने दोबारा रिमाइंडर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जब कि एडीएम प्रशासन की ओर से एसडीएम मोदीनगर डीपी सिंह को छह बार नोटिस जारी कर कार्यवाही से अवगत कराने को कहा है। लेकिन अरबों रूपये की इस एनिमी प्रोपर्टी के मामले में तहसील प्रशासन जवाब नहीं दे रहा है। एडीएम प्रशासन ने एसडीएम को नोटिस जारी कर 25 अगस्त तक आख्या मांग ली है जिस कारण जिला प्रशासन में मची खलबली,प्रशासन को पता है कि कस्टोडियन से स्वीकृति मिलते ही जमीन खाली करानी पड़ेगी। इससे पहले ही जिला प्रशासन इस भूमि को खाली कराने की योजना बना रहा है। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो खाली जमीन कराकर रैपिड रेल स्टेशन बनाने तथा रेैपिड रेल के कार्यों के लिये इस जमीन पर कार्य कराने को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हुआ है। डीएम ने एसडीएम मोदीनगर डीपी सिंह को आदेश दिया है कि वो जमीन खाली कराने की दिशा में विकल्पों की तलाश करें,कि किस तरह से जमीन पर कब्जा लेना है। गृह मंत्रालय की ओर से दोबारा रिमाइंडर आने पर खलबली मच गयी है।
 
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार के नेतृत्व में चक बंदी व राजस्व विभाग के लेखपालों की टीम गठित कर गांव सीकरीखुर्द के भूमि के खसरा नंबरों की जांच कराई जा रही है। मामला 597 बीघा शत्रु सम्पत्ति से जुड़ा है। पूर्व में चकबंदी के दौरान भूमि इधर-उधर हुई पड़ी है, लेकिन काफी विस्तृत जानकारी जुटा ली गयी है। शीघ्र ही रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेज दी जायेगी।