चुनाव और टिकट
October 5, 2019 •  देवानंद राय

                                             व्यंग

( देवानंद राय)

कृपया शांति बनाए रखें !हो हल्ला ज्यादा ना करें साथियों ! हमारी पार्टी में सिर्फ जुझारू, कर्मठ और जनता का दुख दर्द समझने वाले को ही टिकट दिया जाता है| पार्टी कार्यालय पर टिकट के लिए मारामारी को देखते हुए नेताजी बोले| चुनावी मौसम में पार्टी कार्यालय पर इन दिनों हर कोई अपना ढोल पीटने में लगा है मंत्री जी फलाने रैली में में मैं आपसे मिला था उस धरने में जेल गया था सड़क पर उपवास पर भी बैठा था इस बार टिकट की व्यवस्था करा दीजिए प्रभु यह पेपर कटिंग देखें यह मोबाइल फोटो तो देखकर याद कर ले नेताजी मैं आपको याद तो हूं ना हर वक्त आपके साथ खड़ा था  इस बार तो टिकट दिला ही दीजिए यह शब्द सुन सुनकर नेताजी परेशान हो रहे थे टिकट वितरण की समस्या विकट होती जा रही थी फिर नेताजी को किसी ने सुझाव दिया रेलवे पैटर्न का रेल पार्टी में दौड़ाया जाए नेताजी बोले ट्रेन और पार्टी का क्या संबंध ? नेताजी का पीए बोला, बाबूजी इसका भले कोई संबंध नहीं पर टिकट पर हो रही समस्या विकट का हल जरूर मिलेगा नेता जी बोले वह कैसे जरा बताओ ? पीए ने पहली बार नेता जी से इज्जत पाई थी सो थोड़ा अकड़ते हुए बोला पहले सोफे पर बैठे तो प्रभु। नेता जी पीए का मुंह ऐसे देख रहे थे जैसे वह उनकी सारी समस्याएं पी जाएगा। यह ने कहा रेलवे में टिकट उनको ही मिलता है जो तत्काल चाहता है, नेताजी ने बात काटते हुए पर यहां तो सब टिकट तत्काल चाहते हैं। नेताजी पहले सुन तो लीजिए पीएम ने कहा रेलवे में तत्काल भुगतान पर कंफर्म यात्रा वैसे ही यहां भी जो तत्काल चढ़ावा दे उन्हें चुनावी यात्रा करने की हरी झंडी दे दे और बाकी क्या करें ? नेताजी बोले रेलवे क्या करता है वेटिंग लिस्ट में डाल देता है वैसे ही इन्हें भी वेटिंग लिस्ट में डालें और कहें थोड़ा और संघर्ष करें,थोड़ा और जनता में जाएं फिर अगली बार टिकट निश्चित पाए| वैसे चुनावी मौसम में नेताजी जितनी जल्दी अपना पाला बदलते हैं उतने ही जल्दी ने पार्टी भी बनते हैं चुनाव के न्यूज़ पेपर से लेकर न्यूज़ चैनल रौनक रौनक रहती है आती है कौन किस पार्टी से निकला ? किसने नई पार्टी बनाई और कुछ लोगों के बगावती तेवर तो सिर्फ अपना टिकट अपने फेवर कराने तक ही सीमित रहता है चुनाव के माहौल में जहां कुछ नेताओं को जनता हाथों-हाथ उठाती है तो कुछ रूठे हुए नेताओं को दूसरी पार्टी भी टिकट दिखा कर उठा लेती है कहीं-कहीं तो नई नवेली पार्टी प्रसाद की तरह हर किसी को टिकट बांटती बनती है तो कहीं-कहीं पर टिकट की आस में नेताजी निर्दलीय पर्चा डालने को मजबूर हो जाते हैं हरियाणा में चुनाव होने को है पर वहां विपक्ष तो नजर नहीं आ रहा तो वही महाराष्ट्र में सत्ता पक्ष का साथ देने वाला पक्ष कभी-कभी विपक्ष की भूमिका में आ जा रहा है समझ नहीं आ रहा दोनों में से मुख्यमंत्री बनेगा कौन ? कुर्सी पर बैठेगा कौन  ?और उसी के साथ खड़ा रहेगा कौन ? साधो इन दिनों गांधी जयंती पर माला चढ़ाने से ज्यादा सेल्फी की लंबी-लंबी कतारें देखेंने गांधी जी शास्त्री जी से कह रहे लाल ! इन दिनों स सिंपलीसिटी नहीं पब्लिसिटी का जमाना है| माधो पर जब से चिदंबरम जी तिहाड़ की हवा खा रहे हैं तब से थरूर जी का हवा पंजा से हटकर कमल की ओर बह रहा है अब तो कह रहे हैं पहले जो हाथ का साथ बताते थे वह कमल का साथ लेकर हर राज्य में कमल का कमाल दिखा रहे हैं साधो थरूर को भी यूपी की अदिति की तरह कुछ मिलेगा ।साधो राजनाथ जी तो नया अवतार में आ गए पहले तेजस उड़ाया और अब राफेल उड़ाने की तैयारी में है ऐसे तो कहीं अगली एयर स्ट्राइक में राजनाथ जी राफेल लेकर लाहौर से रावलपिंडी तक ना चले जाएं। बिल्कुल ठीक कहा अब की बार कड़ी निंदा वालों को कड़ा जवाब देने का मूड बना लिया है उन्होंने। साधो पाकिस्तान के बारे में कुछ बताओ पाकिस्तान में इमरान हटाओ बाजवा हमें बचाओ के नारे लगने वाले हैं ! तख्तापलट होने वाला है क्या ? अरे अब तख्त ही नहीं है बचा तो पलटेगा क्या ? वह कहावत है ना नंगा नहायेगा क्या और निचोड़ेगा क्या वाली हालत हो चुकी है उनकी |माधो हरियाणा में हनीप्रीत और मध्य प्रदेश के हनी ट्रैप वाले वीडियो से ज्यादा वह वीडियो चल रहे हैं जिनमें पंजा छाप वाले के तीन  महानुभव "पार्टी है कहां" पर विचार कर रहे हैं इससे एमपी का वह जीतू भाई याद आ गई जो कह रहे थे पार्टी गई तेल लेने| वैसे चुनाव के माहौल में मंत्री का पीए भी कम व्यस्त नहीं होता पंपलेट छपवाने से लेकर होल्डिंग बैनर लगवाने तक की सारी जिम्मेदारी उसकी भी होती है इसलिए इन दिनों पीए के जुबान पर फोन उठाते ही यह लाइनें अपने आप निकल पड़ती है भैया नेता जी के नाम के आगे युवा हृदय सम्राट, विकास पुरुष और विकास के मसीहा लिखना मत भूलना। ट्रेन के तत्काल टिकट और चुनाव के तत्काल टिकट में कोई खास अंतर नहीं है चढ़ाव देने पर दोनों मिलते हैं वरना वेटिंग ही वेटिंग है।उधर  हरियाणा से खबर आई कि हरे-भरे नोटों की गड्डी के बदले टिकट दिलाने वाला गिरोह सक्रिय संभल कर रहे हो गिरोह आपको  निशाना बना सकता है

 देवानंद राय