चेक क्लोनिंग गिरोह पर गाजियाबाद पुलिस ने डाले हाथ
April 25, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो
# तीन को दबोचा, जबकि दो अन्य फरार
 
# खातों से रुपये निकालने में उस्ताद समझे जाने वाले गिरोह के सदस्यों के पास से चेकबुक, क्लोन चेक बुक, प्रिंटर, स्कैनर, लैपटाप आदि सामान किया बरामद
 
गाजियाबाद। शहर की कोतवाली पुलिस ने विभिन्न बैंकों के ड्राप्स बाक्स से जमा किये हुए चेक की चोरी करके  उनके क्लोन चेक बना कर धोखाधड़ी किया है और कई लोगों के खाते से पैसे निकालने वाले गिरोह का भी पर्दाफाश किया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने इस गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य लोग फरार हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से फर्जी चेक बुक, क्लोनर फोरमेट चेकबुक, फर्जी आधार कार्ड, प्रिंट, लैपटाप, स्कैनर आदि बरामद किया है। जिससे पूरे शहर में सनसनी फैल गई है।
 
इस सम्बंध में एसपी सिटी श्लोक कुमार ने कहा कि कोतवाली पुलिस ने इस गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि इनके दो साथी अभी भी फरार है। उन्होंने कहा कि इनमें गिरोह का सरगना बच्चू सिंह भी शामिल है जो राजस्थान का रहने वाला है और उसी ने इन सब लोगों को प्रक्षिशित किया है। उन्होंने खुलासा किया कि ये शातिर सरगना गाजियाबाद, मथुरा, अलीगढ़ आदि कई बैंकों में वारदात को अंजाम दे चुके हैं। इन्होंने  पीएनबी और एसबीआई बैंक में विशेष रूप से ठगी 
 की है। इस प्रकार अब तक 30 लाख रुपये से अधिक का फर्जीवाड़ा किया है। यही वजह है कि पुलिस को इनकी सरगर्मी से तलाश थी।
 
खबर है कि ये लोग गार्ड्स की मदद से बैंक के ड्राप्स बाक्स से लोगों के चेक निकाल लेते थे और चेक पर से सम्बन्धित व्यक्ति का नाम मिटा कर फिर उस चेक का क्लोन बना कर नकली चेक बुक बना लेते थे। बताया गया है कि चूंकि चेक का बेस बैंक वाला ही होता था। इसलिए ये लोग अपना नाम लिख कर खाते से पैसा निकलवा लेते थे। दिलचस्प बात तो यह है कि एक बार में ये लोग दो लाख रुपये से अधिक रकम नहीं निकालते थे। क्योंकि दो लाख से अधिक रकम निकाले जाने पर बैंक ग्राहक को फोन कर उनकी स्वीकृति लेते हैं। इसलिए अभियुक्त पूरी सावधानी पूर्वक इस गोरखधंधे को चलाते थे।
 
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम कुलदीप तोमर पुत्र विजयपाल तोमर निवासी बुलंदशहर, मुकेश पुत्र निरोत्तम निवासी बुलंदशहर और जीतू पुत्र संजय शाह निवासी बिसरख है। इन्हें पकड़ने में एसएचओ कोतवाली जयकरण सिंह, इंस्पेक्टर क्राइम राजेश सिंह, उपनिरीक्षक लोकेश कुमार, उपनिरीक्षक उदयवीर सिंह और कांस्टेबल सचिन, पुष्पेंद्र व योगेंद्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।