जयपुरिया स्कूल में शैक्षणिक गुणवत्ता और शांतिप्रिय माहौल को लेकर फिक्रमंद लोग सामने आए
April 8, 2019 • कमलेश पांडे
# सेठ आनंदराम जयपुरिया पैरेंट्स एसोसिएशन और सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स के गाजियाबाद चैप्टर ने विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लेने की मांग की
 
गाजियाबाद। सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल, वसुंधरा सेक्टर 14 के प्रबन्धन के खिलाफ गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन द्वारा इंदिरापुरम थाना में गत दिनों दर्ज कराई गई एफआईआर को कुछ लोगों ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्हें आशंका है कि कुछ लोगों के चक्कर में विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और शांतिप्रिय माहौल नहीं प्रभावित हो जाये। ऐसे लोगों ने संघर्षरत लोगों सहित प्रशासन से स्वविवेक से काम लेते हुए इस प्रतिष्ठित विद्यालय के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लेने का निवेदन किया है, ताकि अन्य बहुतायत संख्या वाले अभिभावकों और उनके बच्चों का दूरगामी हित प्रभावित नहीं हो। 
 
इस सम्बन्ध में आनंदराम जयपुरिया स्कूल पैरेंट एसोसिएशन के चेयरमैन सविनय गुप्ता ने प्रेस को जारी एक वक्तव्य में कहा कि अभिभावक एवं शिक्षक संघ, सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल के कुछ मुट्ठी भर अभिभावक लगभग पांच हजार (5000) अभिभावकों की आवाज़ नहीं हैं, जिन्होंने स्कूल संस्था के साथ विश्वास दिखाकर समय पर पूरी फीस निष्ठा पूर्वक भरी है। इसलिए मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल के कुछ उत्तेजित अभिभावकों की कोई विश्वसनीयता नहीं है कि वे स्कूल के सौहार्दपूर्ण वातावरण को भंग करें। दरअसल, ये अभिभावक स्कूल के अन्दर समस्या उत्पन्न कर फीस न देने के बहाने ढून्ढ रहे हैं और स्कूल संस्था के खिलाफ धृष्टता भी कर रहे हैं। इसलिए हम नगर प्रशासन से यह मांग करते हैं कि वे स्कूल के खिलाफ लगे एफआईआर  को रद्द करें, क्योंकि यह आधारहीन है।
 
उनके अलावा, सहोदय (सहोद्य) स्कूल कॉम्प्लेक्स के गाजियाबाद चैप्टर के समस्त सदस्यगण की ओर से 
संस्था सचिव शर्मिला रहेजा ने भी एक प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए कहा है कि स्कूल की सुचारू व्यवस्था को बाधित करने वाले कुछ लोगों के अभद्र व्यवहार से सहोदय (सहोद्य) गाज़ियाबाद के सभी सदस्य आहत और निराश हैं। उनलोगों ने कहा कि स्कूल फीस उत्तर प्रदेश के फीस रेगुलेशन एक्ट के तहत ही निर्धारित की गयी है, जिसके मद्देनजर फीस नहीं देना छात्र एवं स्कूल दोनों के ही हित में नहीं है। इसलिए कानून का पालन करने वाले ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते हम सभी यह चाहते हैं कि सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल के खिलाफ हुई एफआईआर को कानून के तहत रद्द किया जाए। क्योंकि छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना हमारी पहली प्राथमिकता है जिसमें हम सभी का सहयोग चाहते हैं।