जिलाधिकारी ने वीडियोग्राफर्स व डिजिटल वीडियोग्राफर्स को पिलाई नियम कायदों की घूंटी
April 7, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो
गाजियाबाद। रविवार को आईटीएस मोहननगर के प्रांगण में वीडियोग्राफर व डिजिटल वीडियोग्राफर को प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी रितु माहेश्वरी ने वीडियो ग्राफर्स को निर्देशित किया कि आपको 10 अप्रैल को प्रातः 8 बजे 
पोलिंग पार्टी की रवानगी स्थल विशेष केन्द्रीय विद्यालय कमला नेहरू नगर पहुंचना होगा। वहां नियत वीडियो ग्राफी कैमरा स्थल पर पहुंचकर अपनी उपस्थित दर्ज कराकर कैमरा प्राप्त करना होगा। यदि आपको 11 अप्रैल को मतदान करना है तो पोस्टर वैलेट व ईडीसी करना होगा। उन्होंने कहा कि आपके आवंटित मतदेय स्थल के लिए आवंटित वाहन से पोलिंग पार्टियों के साथ प्रस्थान करेंगे। मतदेय स्थल पर पहुंचकर मतदेय स्थल एवं मतदान केन्द्र की तैयारी की 5 फोटो फोटोग्राफी द्वारा करें। फिर 10 अप्रैल की रात्रि को मतदेय स्थल पर ही निवास करें । 11 अप्रैल को मतदान के दिन प्रातः 5.45 बजे तैयार होकर मतदेय स्थल पर उपस्थित हो जाएं और मॉकपोल प्रारम्भ होने पर मतदान केन्द्र में स्थित प्रत्येक मतदेय स्थल पर प्रवेश करें। 
 
उन्होंने निर्देशित किया कि वास्तविक मतदान प्रारम्भ होने के उपरान्त समय-समय पर आपको अपने विवेक से मतदाताओं, मतदान अभिकर्ताओं, मतदान कार्मिकों की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी करनी है। इसके अलावा, मतदेय स्थलों पर भ्रमण के लिए आये अधिकारियों, उम्मीदवारों, निर्वाचन अभिकर्ताओं की वीडियोग्राफी करें व ईवीएम, वीवीपेट को सील करने की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करें। यदि मतदान प्रक्रिया के दौरान ईवीएम व वीवी पैट बदली जाती है तो उस प्रक्रिया की फोटोग्राफी अवश्य करें।
 
उन्होंने मतदान की समाप्ति के उपरान्त भी लाईन में लगे मतदाताओं की गणना अन्तिम व्यक्ति से आरम्भ होगी। किसी विशेष घटना या पीठासीन अधिकारियों के कहने पर एसे मतदाताओं, जो चैलंज वोट व टैन्डर वोट करने वालों की वीडियोग्राफी जरूर करें, जिसमें परिचय को चुनौती दी गयी है। लॉगबुक में समय-समय पर एन्ट्री करते रहें। उन्होंने बताया कि वीडियोग्राफी इस प्रकार करें कि उसमें दिनांक व समय जरूर अंकित हो। कैमरे व हैण्डीकेम का रखरखाव ठीक प्रकार से करें। वैट्री व मैमोरी कार्ड का विशेष ध्यान रखा जाये। पोलिंग  कम्पाटमेन्ट में मतदाता द्वारा किये जा रहे मतदान की फोटोग्राफी नहीं की जायेगी। वीडियोग्राफी की फुटेज पोलिंग पार्टी, चुनाव अभिकर्ता सहित किसी को भी उपलब्ध नहीं करायें। किसी भी राजनैतिक दल, उम्मीदवार अथवा एजेन्ट का आतिथ्य स्वीकार नहीं करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि मतदान की प्रक्रिया पर भारत निर्वाचन आयोग, उप्र निर्वाचन आयोग व जिला प्रशासन की कड़ी नजर है। निर्वाचन कार्य अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसमें लापरवाही पर कठोर दण्ड का प्रावधान है। पारदर्शिता व न्यूट्रल होकर मतदान प्रक्रिया पूर्ण करायें। आपको एक केन्द्र पर अधिकतम 10 पोलिंग बूथों का कवरेज करना है। दिव्यांग मतदाताओं, विवादित घटनाओं व मॉकपोल की गतिविधियों को अपने कैमरे में अवश्य कैद करें। निजता का विशेष ध्यान रखें। आपकी सक्रियता नितान्त आवश्यक है। 
 
प्रशिक्षण में अपर जिलाधिकारी नगर, जिला विकास अधिकारी, आईटीआई के प्रधानाचार्य व सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।