जीडीए में लौटी रौनक, फाइलों का निपटारा हुआ तेज
April 15, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो
गाजियाबाद। जीडीए में सोमवार को पूरी तरह से रौनक लौट आई। क्योंकि पिछले कई सप्ताहों से जीडीए के अधिकारी और कर्मचारी लोकसभा चुनाव से सम्बंधित अपने अपने दायित्व निभा रहे थे, जिससे मुख्यालय सूना सूना सा लगता था। इस बीच जीडीए में संपत्तियों से जुड़े विभिन्न मामलों का अंबार सा लग गया। 

खबर है कि हाल फिलहाल में प्रतिदिन 20 से अधिक मामले प्राधिकरण में पहुंच रहे थे, लेकिन किसी भी फाइल का निस्तारण नहीं हो पाया, क्योंकि जीडीए कर्मी अपने चुनावी दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। यही वजह है कि जीडीए में अभी तक 300 से ज्यादा फाइलें  
लम्बित हो चुकी हैं, जिनका त्वरित निस्तारण सोमवार 
से शुरू हो चुका है। लेकिन जानकारों का कहना है कि सभी लम्बित फाइलों को निपटाने में कम से कम एक सप्ताह या फिर पूरे पखवारे का समय भी लग सकता है।
 
गौरतलब है कि आम दिनों में भी जीडीए में सबसे अधिक सम्पत्ति से ही जुड़े मामले आते हैं। कहना न होगा कि भले ही प्राधिकरण ने इन सभी मामलों की एक निश्चित समय सीमा तय कर रखी है, जिसके भीतर ही उन मामलों का निस्तारण किया जाता है। इसी अभिप्राय से यहां सिंगल विंडो सिस्टम भी लागू कर रखा है। लेकिन लोकसभा चुनाव में जीडीए के अधिकारी और कर्मचारी की ड्यूटी लगी होने के चलते कर्मचारियों के पटल पर कोई मौजूद नहीं होने से फाइल आगे नहीं बढ़ पाई। जिससे अभी तक विभिन्न भागों का कार्य पेंडिंग हो गया है।
 
इस सम्बन्ध में जीडीए के अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण में सबसे ज्यादा काम संपत्ति विभाग से ही जुड़ा आता है। लेकिन आदर्श आचार संहिता लगने के बाद से संपत्ति अनुभाग सहित अन्य अनुभागों का काम प्रभावित हुआ, जिसे आज से तेज कर दिया गया है।  अधिकारियों व कर्मचारियों ने चुनाव ड्यूटी से लौटने के बाद अब इस कार्य को तेजी से पूरा करने को कह रहे हैं। लेकिन फाइल में किसी प्रकार की गलती नहीं चली जाए, इसको लेकर दूसरे कर्मचारी भी भी अन्य किसी दूसरे का काम करने से बच रहे थे।
 
जीडीए के अधिकारियों का कहना है कि लोकसभा चुनाव सभी की प्राथमिकता थी। उसके बाद अब यह काम जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा। क्योंकि यहां पर सबसे ज्यादा काम सम्पत्ति विभाग के ही आते हैं। आमतौर पर प्राधिकरण में सबसे ज्यादा काम सम्पत्ति  अनुभाग के पास ही आते हैं। जिनमें रजिस्ट्रेशन, फ्री होल्ड, ऑनलाइन रजिस्ट्री आदि का काम भी शामिल है। खबर है कि संपत्ति अनुभाग को छोड़कर इंजीनियरिंग, प्रवर्तन व उद्यान विभाग की शिकायतें भी पेंडिंग मिलीं, जिसका त्वरित निपटारा शुरू कर दिया गया है।अधिकारियों ने बताया कि पेंडिंग पड़ी हुई सभी फाइलों को प्राथमिकता पूर्वक पूरा किया जा रहा है।