डूंडाहेड़ा और अर्थला को शीघ्र ही अतिक्रमण मुक्त कराएं उपजिलाधिकारी सदर: रितु माहेश्वरी
April 16, 2019 • कमलेश पांडे
गाजियाबाद। जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने सोलिड वेस्ट मैनेजमेंन्ट प्रोजेक्ट की एक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आहूत की। बैठक में अपर नगर आयुक्त ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि राजस्व ग्राम अकबरपुर बहरामपुर में सोलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट की 18 एकड़ भूमि नगर निगम को देय है। इस पर मुख्य अभियन्ता जीडीए वी एन सिंह ने बताया कि निगम को उक्त 18 एकड़ भूमि उपलब्ध करा दी जायेगी और गालन्द तक की एप्रौच रोड का निर्माण भी यथाशीघ्र ही करा दिया जायेगा। 
 
बैठक में जिलाधिकारी ने डूडाहेडा व अर्थला में अतिक्रमण को हटाने के लिए उप जिलाधिकारी सदर को निर्देशित किया कि यथाशीघ्र कार्यवाही कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराएं। उन्होंने मुख्य सचिव के गत 10 अप्रैल की बैठक में दिये गये आदेशों के क्रम में उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारीगण, यूपीएसआईडीसी के अधिकारी व नगर निगम के अधिकारी संयुक्त टीम बनाकर 3 दिन में भ्रमण कर मुख्य सचिव द्वारा दिये गये निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित  करें। 
 
बैठक में यूपीएसआईडीसी के अधिकारी ने जिलाधिकारी को बताया कि ऐसी औद्योगिक इकाईयां जिन्होंने ईटीपी का निर्माण नहीं किया है, का सर्वे कर लिया गया है। लिहाजा, 18 अप्रैल तक इसकी पूर्ण सूची उपलब्ध करा दी जायेगी। सर्वे हेतु यूपीएसआईडीसी की तरफ से पन्नालाल, अधिशासी अभियन्ता व वीएन वर्मा, सहायक अभियन्ता को नामित किया गया है। उप्र प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से वी के सिंह, सहायक अभियन्ता एवं रंजीत सिंह, अवर अभियन्ता को नामित किया गया है। जबकि, नगर निगम की तरफ से आनन्द त्रिपाठी अधिशासी अभियन्ता जल एवं योगेन्द्र यादव, सहायक अभियन्ता जल को नामित किया गया है। 
 
जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त दिनेश चंद्र को निर्देशित किया कि सर्वे टीम की साप्ताहिक समीक्षा करते हुये प्रत्येक सोमवार को समीक्षा रिर्पोट मुझे उपलब्ध कराएंगे। साहिबाबाद स्थित पुलिया के निर्माण हेतु जिलाधिकारी ने यूपीएसआईडीसी को निर्देशित किया,  जिस पर अधिकारी ने बताया कि उक्त का डिजाईन बनाकर शासन को प्रेषित किया जा चुका है, की स्वीकृति के उपरान्त कार्य प्रारम्भ करा दिया जायेगा। 
 
बैठक में नगर आयुक्त ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि यूपीएसआईडीसी द्वारा नगरीय ठोस अपशिष्ठ नियमावली 2016 में दिये गये प्रावधानों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने यूपीएसआईडीसी के अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि इस सम्बन्ध में तत्काल आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। 
 
इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा जीडीए के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नई सोसाएटी के नक्शे बिना नगरीय ठोस अपशिष्ठ नियमावली 2016 में दिये गये मानकों के स्वीकृत न किये जाएं। वहीं, यूपी जल निगम के अधिकारियों द्वारा अमृत प्रोजेक्ट में चल रही परियोजनाओं हेतु भूमि उपलब्ध कराने की बात बैठक में रखी गयी, जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि अगली बैठक में प्रोजेक्ट का पूरा विवरण, प्रोजेक्ट हेतु कितनी जमीन चाहिए और कहां चाहिए, को स्पष्ट करते हुये प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि वर्तमान में कार्यरत एचटीपी को और अपग्रेड करेंगे व उनकी क्षमता विस्तार की सम्भावनाओं पर विचार किया जाये। 
 
बैठक में नगर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी नगर, पुलिस अधीक्षक नगर, मुख्य अभियन्ता, जीडीए, यूपीएसआईडीसी के पदाधिकारी, जल निगम के पदाधिकारी, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी व जिला सूचना अधिकारी उपस्थित रहे।