तृणमूल कांग्रेस जाने वाली है और भारतीय जनता पार्टी आने वाली है-नड्डा 
September 27, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो

कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने  सॉल्ट लेक कोलकाता  में जम्मू.कश्मीर से धारा 370 और 35 A के उन्मूलन विषय पर विशाल जन.जागरण कार्यक्रम को संबोधित किया और कई मुद्दों पर पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस की सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कुछ तीखे सवाल पूछे। कार्यक्रम में उन्होंने धारा 370 के उन्मूलन पर एक पुस्तिका भी जारी की। ज्ञात हो कि धारा 370 की समाप्ति से देश को अवगत कराने और जम्मू.कश्मीर के विकास के लिए देशवासियों से एकजुट होने की अपील करने हेतु भारतीय जनता पार्टी 01 सितंबर 2019 से 30 सितंबर 2019 तक पूरे देश में व्यापक जनसंपर्क एवं जनजागरण अभियान आयोजित कर रही है जिसके तहत ही यह कार्यक्रम आज कोलकाता में आयोजित किया गया। ज्ञात हो कि कार्यकारी अध्यक्ष दो दिवसीय प्रवास पर आज से पश्चिम बंगाल में हैं जहां वे कई कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। 

श्री नड्डा ने कहा कि जम्मू.कश्मीर को हिन्दुस्तान का अभिन्न अंग बनाने के आंदोलन की शुरुआत पश्चिम बंगाल की धरती से ही हमारे प्रथम अध्यक्ष डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने की थी और देश में ष्एक विधानए एक प्रधान और एक निशानश् का नारा देते हुए देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। यह केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी है जो देश की आजादी से लेकर आज तक जम्मू.कश्मीर पर अपने स्टैंड पर खड़ी रही और धारा 370 एवं 35 A  को विलोपित करते हुए इसे भारत के अभिन्न अंग के रूप में प्रतिस्थापित किया। 

कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि देश की आजादी के बाद सरदार पटेल के नेतृत्व में 600 से अधिक राजे.रजवाड़ों का विलय भारतवर्ष में हुआ लेकिन पंडित जवाहरलाल नेहरू ने जम्मू.कश्मीर की जिम्मेदारी ली और आज तक जम्मू.कश्मीर में समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टीए एनसी और पीडीपी ने लगातार देश और दुनिया को गुमराह करते हुए धारा 370 को जम्मू.कश्मीर के लिए स्पेशल स्टेटस देने वाला संवैधानिक अंग बताया जबकि संविधान के अनुसार यह टेंपररी और ट्रांजिशनल है। उन्होंने कहा कि जब धारा 370 अस्थायी है तो फिर ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस द्वारा जम्मू.कश्मीर से धारा 370 और 35 A के हटाने का विरोध क्यों क्या उनके लिए देश से बढ़ कर वोट बैंक की राजनीति है, क्या उनके लिए देश बढ़ कर कुर्सी और सत्ता है, क्या यही उनकी देशभक्ति है।  

श्री नड्डा ने तृणमूल कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि देश अखंड और मजबूत हैए तभी राजनीति और सत्ता है। और वैसे भी पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के शासन का अंत निश्चित है। तृणमूल कांग्रेस जाने वाली हैए भारतीय जनता पार्टी आने वाली है और इसके बारे में लोक सभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता ने स्पष्ट संकेत दे दिया है। उन्होंने कहा कि देश सेवा के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर हम सबको साथ में मिल कर काम करना चाहिए था लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि ममता बनर्जी इस मौके को चूक गई। अब तृणमूल कांग्रेस को पतन से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता इस मुद्दे पर ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस से सवाल पूछे लेकिन उनमें न जवाब देने की ताकत है और न ही पश्चिम बंगाल की जनता और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को रोकने की ताकत।

कार्यकारी अध्यक्ष ने ममता बनर्जी का इस मुद्दे पर समर्थन करने वाली पार्टियों पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी जम्मू.कश्मीर के विकास के लिए धारा 370 की समाप्ति पर अपने देश को ही कठघरे में खड़ा करते हैं और उनके बयानों का उपयोग पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के खिलाफ अपनी दलीलों में करता है। क्या ये हिंदुस्तान में रह कर पाकिस्तान की वकालत कर रहे हैं क्या यही इनकी देशभक्ति है जो अपनी तुच्छ वोट बैंक की पॉलिटिक्स के लिए देश की एकता व अखंडता के साथ खिलवाड़ करने से भी नहीं चूकती।