दिल्ली की जनता से लूटा गया 7 हजार करोड़ दिल्ली सरकार को लौटाना पड़ेगा - मनोज तिवारी
July 31, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो

नई दिल्ली।  भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने आज डीईआरसी के बिजली के फिक्स चार्ज और लोड घटाने को आम आदमी पार्टी की सरकार का चुनावी पैंतरा बताते हुये कहा कि केजरीवाल सरकार ने फिक्स चार्ज व लोड बढ़ाकर दिल्ली की जनता की जेब पर डाका डाला था और भाजपा के लगातार दबाव बनाने के कारण केजरीवाल ने आज अपनी गलती को मान लिया है, लेकिन फिक्स चार्ज व लोड बढ़ाकर केजरीवाल ने जो 7000 करोड़ दिल्ली की जनता से वसूला है उसे दिल्ली की जनता को लौटाना पड़ेगा। इसकी मांग लगातार भाजपा करती रही है। यदि केजरीवाल इस लूट को विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली की जनतो को वापस नहीं करते हैं तो भारतीय जनता पार्टी केजरीवाल सरकार के खिलाफ किसी भी हद तक जाने के लिये तैयार है। 

    श्री तिवारी ने कहा कि चुनावों को नजदीक देखकर केजरीवाल सरकार फिक्स चार्ज व लोड घटाकर लोगों के बीच अपनी छवि बेहतर बनाने का नाटक कर रहा है। अगामी विधानसभा चुनावों में अपनी हार को स्पष्ट रूप से देखने के बाद केजरीवाल किसी भी हथकड़े को अपना कर सत्ता में बने रहना चाहते हैं। पिछले साल 5 गुना से अधिक फिक्स चार्ज व लोड बिना उपभोक्ताओं की जानकारी के बढ़ा दिया गया जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि डीईआरसी ने बिना दिल्ली सरकार से पूछे फिक्स चार्ज व लोड बढ़ा दिया है, तो क्या मुख्यमंत्री अब यह भी बतायेगें कि डीईआरसी बिना दिल्ली सरकार की अनुमति के ही फिक्स चार्ज व लोड घटा दे रही है। स्पष्ट है बिजली कम्पनियों को फायदा पहुंचाने के लिए केजरीवाल ने दिल्ली की जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला था जो कि एक बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है।

    श्री तिवारी ने कहा कि फिक्स चार्ज व लोड को घटाने का मतलब स्पष्ट है कि केजरीवाल स्वंय यह मान रहे हैं कि दिल्ली के लोगों से फिक्स चार्ज के नाम पर लूट मचाई गई थी। दिल्ली भाजपा ने कई बार प्रेस वार्ता कर केजरीवाल सरकार के इस लूट की जानकारी दिल्ली की जनात को दी  है और बढ़े हुये फिक्स चार्ज व लोड के विरोध में दिल्ली के उपराज्यपाल से मिलकर इसकी शिकायत भी की है। भाजपा के दबाव में आकर केजरीवाल सरकार बढ़े हुये फिक्स चार्ज व लोड को वापिस लेने के लिए मजबूर हुये है। केजरीवाल सरकार को  दिल्ली की सत्ता से अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती स्पष्ट नजर आ रही है जिसे बचाने के लिए इस प्रकार की कवायदें की जा रही हैं। केजरीवाल अपनी सियासी जमीन बचाने के लिए ही दिल्ली मेट्रो व डीटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा, 54 महीने बीत जाने के बाद वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा, नई डीटीसी बसों के नाम पर जहां जरूरत 20 हजार बसों की हो वहां केवल 25 नई बसें खरीदना या फिर जगह- जगह तीन-चार सीसीटीवी लगाकर पूरी दिल्ली में सीसीटीवी लगाने का दावा करना शामिल है।

    श्री तिवारी ने कहा कि दिल्ली की जनता ने प्रचण्ड बहुमत के साथ आम आदमी पार्टी को अपना प्यार व आशीर्वाद दिया इस भरोसे के साथ की उनका सर्वांगीण विकास होगा, लेकिन उसके उलट केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के लोगों को नकारात्मक विचारों के साथ साढ़े चार वर्ष तक केवल झूठा आश्वसन दिया। अपना एक भी चुनावी वादा पूरा नहीं किया। दिल्ली की जनता ने निगम और लोकसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की जमानते जब्त करवाकर यह संदेश दिया है कि हर दिन झूठ नहीं चलेगा जो, काम करेगा दिल्ली की सत्ता में वो रहेगा।

    श्री तिवारी ने कहा कि बिजली की सब्सिडी के नाम पर केजरीवाल सरकार ने दिल्ली की जनता को ठगा है। एक तरफ सब्सिडी का नाटक किया जाता है, वहीं दूसरी ओर बिल के अन्दर कई तरह के टैक्स लगाकर और फिक्स चार्च व लोड बढाकर लोगों को लूटा जाता है। दिल्ली भाजपा ने हमेशा इस लूट का विरोध किया है और उस संघर्ष का परिणाम यह निकला कि आज मजबूरन दिल्ली सरकार को फिक्स चार्च व लोड घटाने पड़ रहे है।