दिल्ली भाजपा हर कदम पर सब-इंस्पेक्टर राजकुमार के परिवार के साथ खड़ी है-मनोज तिवारी
May 20, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो

नई दिल्ली।  दिल्ली के विवेक विहार इलाके में बदमाशों ने एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर को पीट-पीटकर मार दिया। सब-इंस्पेक्टर की पहचान राजकुमार के रूप में हुई है। इस झगड़े की वजह थी इलाके में लगा पुलिस का स्थायी पिकेट, जहां शराब तस्कर रहते थे। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुये दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी ने कहा कि गुंडागर्दी और अपराध की समाज में कोई जगह नहीं है। मैं सब-इंस्पेक्टर राजकुमार की हत्या पर गहरी संवेदना प्रकट करता हुँ और ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि परिवार को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। दिल्ली भाजपा हर कदम सब-इंस्पेक्टर  राजकुमार के परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने अपने इलाके में शराब तस्करों के खिलाफ मुहिम चलाई थी जिसे लेकर नाराज शराब तस्करों ने उनकी हत्या कर दी। समाज में बढ़ रहे अपराधों को लेकर चिंतित होना आवश्यक है कि हमारी दिल्ली किस ओर जा रही है।

    श्री तिवारी ने कहा कि दिल्ली में यह कोई नया मामला नहीं है इससे पहले भी दिल्ली के तैमुर नगर के रूपेश बसोया की हत्या भी इसीलिए की गई थी क्योंकि उन्होंने भी अपने गली मौहल्लों में पनप रहे ड्रग्स खरीदने बेचने वालों के विरूद्ध आवाज उठाई थी। इन अपराधों की वजह क्या है ये जानना जरूरी है। राजनीतिक ईच्छा शक्ति की भूमिका बहुत बड़ी होती है और आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में होने वाले इस तरह के अपराधों को जन्म दिया है। आम आदमी पार्टी दिल्ली के नलों में पानी तो नहीं दे पायी लेकिन शराब की दुकानों के लाईसेन्स इतने दिये कि दिल्ली में शराब की दुकाने आम आदमी पार्टी की सरकार में दोगुनी हो गई। शराब तस्करों को इससे बढ़ावा मिला है और वह दिल्ली में मनमानी कर रहे है जो कि अपराध को जन्म देता है।

    श्री तिवारी ने कहा कि दिल्ली पुलिस समाज की सुरक्षा के लिए काम करती है और जब सुरक्षा करने वाले की जान चली जाये तो हम सभी को मिलकर संज्ञान लेना जरूरी है। केजरीवाल सरकार ने अपराध मुक्त शासन की बात अपने घोषणा पत्र में कहते हुये कहा था कि सीसीटीवी और स्ट्रीट लाईटे हर जगह लगाई जायेगी जिसे लेकर दिल्ली सरकार ने कोई काम नहीं किया। दिल्ली में बढ़ रहे अपराध को रोकने के लिए दिल्ली सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए जिसे लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार उदासीन है। पहले अपराधी आम आदमी को अपना शिकार बनाते थे लेकिन सब-इंस्पेक्टर राजकुमार की हत्या ने एक ईमानदार पुलिस अफसर हमसे छिन लिया है जिसकी क्षतिपूर्ति कोई नहीं कर सकता है।