दिल्ली सरकार के प्रदूषण जांच केन्द्रों पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने उठाया सवाल
September 8, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्लीभर के प्रदूषण जांच केन्द्रों में लगी लम्बी-लम्बी लाइनों से लोग परेशान हैं और इसकी आड़ में भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है, लेकिन दिल्ली सरकार की नींद नहीं खुल रही है। दिल्ली सरकार के लापरवाह रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि पूरी दिल्ली लाइन लगाकर प्रदूषण जांच केन्द्रों पर खड़ी है, लेकिन केजरीवाल सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। केजरीवाल पिछले 55 महीनों से दिल्ली के लोगों को पीड़ा दे रहे हैं और जाते-जाते दिल्ली की जनता को लाइन में खड़ा करके जा रहे हैं।

दिल्ली में प्रदूषण जांच केन्द्रों की संख्या बढ़ाने पर जोर देते हुये प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि करीब दो करोड़ की आबादी वाली हमारी दिल्ली में एक करोड़ से अधिक गाड़ियां रजिस्टर्ड हैं और लाखों गाड़ियां प्रतिदिन आसपास के राज्यों से दिल्ली में आती हैं, लेकिन इन गाड़ियों के प्रदूषण की जांच करने वाले मात्र 940 केन्द्र हैं जो ऊंट के मुंह में जीरा है। इस केन्द्रों की संख्या 10 गुनी होनी चाहिये, तभी दिल्ली के लोगों को राहत मिल सकेगी। प्रदूषण जांच केन्द्रों की संख्या कम होने के कारण बहुत से लोग अभी तक जांच नहीं कराते थे जिसके कारण दिल्ली में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा था, दूसरी ओर केजरीवाल सरकार प्रदूषण पर करोड़ों रूपये का विज्ञापन देकर अभी तक अपनी पीठ थपथपाती रही है, लेकिन दिल्ली सरकार के पास प्रदूषण जांच करने के लिये मूलभूत सुविधायें तक नहीं हैं।

मनोज तिवारी ने कहा कि प्रदूषण जांच केन्द्रों पर प्रदूषण की जांच के लिये टोकन बांटे जा रहे हैं लेकिन 2-2 दिन बाद लोग अपने वाहनों की जांच करवा पा रहे हैं। वाहनों के प्रदूषण की जांच के लिये लोगों को दो दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है जो आज तक के इतिहास में किसी भी सरकार के समय में नहीं हुआ। प्रदूषण की जांच जल्दी होने की आड़ में भ्रष्टाचार किया जा रहा है जिसकी जांच की जानी चाहिये। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद प्रदूषण जांच केन्द्रों की समीक्षा की जायेगी और पर्याप्त संख्या में प्रदूषण जांच केन्द्र खोले जायेंगे जिससे दिल्ली के लोगों को परेशानी का सामना न उठाना पड़े।