नगर आयुक्त दिनेश चंद्र सिंह ने कसी फुट ओवर ब्रिज निर्माता फर्मों की नकेल
August 26, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो
# अनुबंध की शर्तों की अनदेखी किये जाने से आमलोगों को हो रही असुविधाओं के चलते नाराज हैं नगर आयुक्त
 
# पूछा कि क्यों नहीं अनुबंध कर दिया जाए निरस्त, मांगा स्पष्टीकरण
गाजियाबाद। नगर आयुुक्त दिनेश चन्द्र सिंह ने अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने वाले फुट ओवर ब्रिज निर्माता फर्मों की नकेल अब कस दी है। क्योंंकि इन फर्मों की मनमानी से वृद्ध, बच्चों, बीमार और अशक्त लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लिहाजा, नगर आयुुुक्त ने इन फर्मों से स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा 
है कि क्यों नहीं आपका अनुबंध निरस्त कर दिया जाए। खबर है कि नगर आयुक्त के इस कदम से विज्ञापन माफियाओं में हड़कम्प मच गया है।
 
नगर आयुक्त श्री सिंह ने बताया कि नगर निगम, गाजियाबाद की सीमा अंतर्गत मुख्य मार्गों पर सड़क पार करने हेतु आमजन की सुविधा एवं सुरक्षा के उद्देश्य से विभिन्न फर्मों द्वारा बीओटी के आधार पर विगत 5 वर्षों से फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कराया गया था। लेकिन, सम्बन्धित फर्मों द्वारा अनुबंध में उल्लेखित शर्तों के अनुसार आमजन की सुविधा हेतु रैंप इत्यादि का निर्माण नहीं कराया गया, जिसके अभाव में वृद्ध एवं बीमार व्यक्तियों के साथ ही आम जनता द्वारा भी एफओबी का उपयोग नहीं किया जाता है। 
 
लिहाजा, जन-सुविधा के अभाव होने के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने पर विवश होना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, फर्मों द्वारा बीओटी की कतिपय शर्तों का उल्लंघन कर एफओबी के संबंध में सुरक्षा मानकों के अनुरूप अधिकृत एजेंसी से एफओबी के सुरक्षित होने का प्रमाण पत्र 'कंपलीशन सर्टिफिकेट' जमा कराए बिना ही एफओबी पर विज्ञापन कार्य किया जाता रहा है, जो कि एक प्रकार की अनियमितता है। 
 
यही वजह है कि गत नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में जैसे ही यह प्रकरण नगर आयुक्त की संज्ञान में आया, उन्होंने उसी समय इस मामले की पड़ताल कर कार्रवाई करने की मंशा जता दी थी। फिर सोमवार को नगर आयुक्त दिनेश चंद्र सिंह ने नगर में बीओटी आधार पर एफओबी का निर्माण करने वाली फर्मों द्वारा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने पर अनुबंध निरस्त करने तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के अनुसार स्पष्टीकरण प्राप्त कर उन पर पुनर्विचार करने की कार्यवाही अमल में लाए जाने के आदेश दिए हैं, जिससे सम्बन्धित लोगों में हड़कम्प मच गया है।