ननावती कमिशन ने राजीव गांधी को सिख कत्लेआम का दोषी पाया था: सिरसा
May 9, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो

                         राजीव गांधी का भारत रत्न वापिस लिया जाये 

नई दिल्ली।दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष  मनजिन्दर सिंह सिरसा ने कहा है कि वाजपेयी सरकार द्वारा बनाये गये नानावती कमिशन ने अपनी जांच में राजीव गांधी को 1984 के सिख के कत्लेआम का दोषी ठहराया था जो कि उस समय का प्रधान मंत्री था। यह बात सरकारी रिकार्ड में है।यहां एक बयान जारी करते हुए श्री सिरसा ने कहा कि नानावती कमिशन की जांच के दौरान 1984 सिख कत्लेआम का वह असली  दोषी और मुख्य योजनाकार थे।  राजीव गांधी जिसने सिख भाईचारे के लोगों का कत्लेआम कराया।

दिल्ली कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि इंदिरा गांधी की मौत 31 अक्टूबर को हुई थी उस दिन कोई हिंसा नहीं हुई थी और न ही अगले दिन 1 नवम्बर को को हिंसा हुई थी उन्होंने बताया कि जब राजीव गांधी ने प्रधान मंत्री पद की शपथ ली तो उसने अपने वफादार सज्जन कुमारए एच के एल  भगत जगदीश टाईटलर ए कमलनाथ इत्यादि  को अपनी मां की मौत का बदला लेने की जिम्मेंदारी सौंपी। उन्होंने यह भी कहा कि इनको रसायन और हथियार उपलब्ध कराये गये और कहा गया कि वे सिखों के घरों को निशाना बनाये। श्री सिरसा ने कहा कि नानावती कमिशन की पड़ताल के आधार पर राजीवगांधी से भारत रत्न वापिस ले लेना चाहिये क्योंकि वह एक ऐसा व्यक्ति था जिसने प्रधान मंत्री के पद की शपथ लेकर संविधानिक पद पर विराजमानरहकर सिखों का कत्लेआम कराया। ऐसा व्यक्ति कभी भारत रत्न नहीं हो सकता।

दिल्ली कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि इस कत्लेआम के बाद राजीव गांधी ने अपने जनतक भाषण में पुलिस व न्यायपालिका को धमकी देते हुए कहा था कि कत्लेआम के दोषीयों को हाथ डालने से दूर रहना । उन्होंने कहा कि किसी ने कभी कल्पना नहीं की होगी कि मुख्य दोषी सज्जन कुमार जेल चला जायेगा। श्री सिरसा ने कहा कि यह व्यक्ति जो गांधी परिवार के हीरो थे अब इनको सारी उमर जेल में ही गुजारनी पड़ेगी और यह एनडीए  की सरकारकी कार्यवाही से ही संभव हुआ है। श्री सिरसा ने कहा कि उन्होंने कमलनाथ जिसको राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया है के खिलाफ भी शिकायत की है और उनको उम्मीद है कि एसआईटी  की जांच के बाद उसको भी सज्जन कुमार के पास जेल भेजा जायेगा। उन्होंने कहा कि हम इस मामले पर काम कर रहे हैं और दोषियों को जेल भेजने के लिए जो भी करना पड़ा करेंगे।