नामांकन के अंतिम दिन बीजेपी, कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवारों ने अपने अपने नाम दाखिल किए
March 25, 2019 • कमलेश पांडे
गाजियाबाद। सोमवार को नामांकन के आखिरी दिन गाजियाबाद कलेक्टरेट परिसर में तीन बड़ी पार्टियों के उम्मीदवारों ने नामांकन किये। आज एक ओर जहां बीजेपी से मौजूदा सांसद और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने अपना नामांकन किया, वहीं दूसरी ओर सपा-बसपा-रालोद गठबंधन प्रत्याशी और गाजियाबाद के पूर्व बसपा विधायक सुरेश बंसल और कांग्रेस की महिला प्रत्याशी  डोली शर्मा ने अपना अपना पर्चा दाखिल किया।
 
इस मौके पर जिला प्रशासन को भी भारी भीड़ के जुटने की आशंका थी। लिहाजा, नामांकन के अंतिम दिन सुरक्षा के भारी इंतजाम किये गये थे। जिलाधिकारी कार्यालय परिसर व उसके आसपास आला पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा सीआईएसएफ के जवानों को भी यहां तैनात किया गया था। आलम यह रहा कि कलेक्ट्रियट परिसर के गेट से प्रत्याशी और उनके गिने चुने लोगों को ही अंदर नामांकन कक्ष तक जाने की अनुमति दी गई थी और अन्य समर्थकों को गेट पर ही रोक दिया गया। 
 
भाजपा प्रत्याशी पूर्व जनरल वी के सिंह ने आज सुबह राजनगर इलाके में स्थित अपने चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया और  हवन-पूजन करके जीत की दुआ मांगी। पार्टी के चार विधायक यथा- लोनी के नंदकिशोर गुर्जर, मुरादनगर से विधायक अजित पाल त्यागी, साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा तथा गाजियाबाद सदर से विधायक और राज्यमंत्री अतुल गर्ग और गाजियाबाद की महापौर आशा शर्मा, उनके साथ नामांकन स्थल तक पहुंचे थे। नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए वीके सिंह ने कहा कि उनका मुकाबला किसी से मुकाबला नहीं है। उनका मुकाबला खुद उनसे ही है, क्योंकि गाजियाबाद में अब तक किये गए कई बड़े विकास कार्यों की पूंजी हमारे साथ है और  आगे भी उनकी प्राथमिकता विकास की रहेगी।
वहीं, सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी सुरेश बंसल ने भी अपने समर्थकों के साथ नामांकन पर्चा दाखिल किया। फिर, सुरेश बंसल ने कहा कि उनका मुकाबला बीजेपी के साथ है और मैं यहां लोगों के बीच रहूंगा और विकास के कार्य करूंगा।वहीं, कांग्रेस की महिला उम्मीदवार डोली शर्मा ने भी  अम्बेडकर रोड स्थित अपने चुनाव कार्यालय से कलेक्ट्रियट पहुंचकर आज नामांकन किया। फिर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आज गाजियाबाद के लिये एक बड़ा दिन है। वह यह कि कांग्रेस पार्टी ने मुझ जैसी महिला कार्यकर्ता को टिकट दिया हैं। उन्होंने कहा कि मैं गाजियाबाद की बेटी हूं और मेरा मुकाबला गाजियाबाद की बदहाली से है। 
इस प्रकार, नामांकन के बाद अब चुनाव का दौर प्रारम्भ  हो चुका है। सभी उम्मीदवार विकास होने और न होने के आरोप प्रत्यारोप एक दूसरे पर लगाते हुए विकास के अपने अपने सब्जबाग गाजियाबाद की जनता को दिखा रहे हैं। बहरहाल, अब 11 अप्रैल को गाजियाबाद की जनता वोटिंग के मार्फ़त अपना रुख साफ करेंगी 23 मई को यह साफ हो जायेगा कि गाजियाबाद की जनता ने किसमें अपना भविष्य देखा है।