प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग कर्ताओं के खिलाफ नगर आयुक्त दिनेश चंद्र सख्त अभियान चलाएंगे 4 अगस्त से
August 1, 2019 • ब्यूरो चीफ
गाजियाबाद। नगर निगम क्षेत्र में प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादों के धड़ल्ले से हो रहे उपयोग के खिलाफ आगामी 4 अगस्त से नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा निरोधक अभियान चलाया जाएगा। नगर आयुक्त दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि इस महत्वपूर्ण कार्य की सफलता के लिए निगम के जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 4 अगस्त से जो भी व्यक्ति प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पाद का उपयोग करते हुए धरे जाएंगे, उनपर दंड अधिरोपित करते हुए विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
 
उत्तर प्रदेश जीव अनाशित कूड़ा कचरा अधिनियम 2018 एवं ठोस अपशिष्ट प्रबन्ध नियमावली 2018 और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्ध और प्रहस्तन नियम 2016 का हवाला देते हुए नगर आयुक्त दिनेश चंद्र सिंह ने कहा कि निगम क्षेत्र में प्लास्टिक या पॉलीथीन का उपयोग पूर्णत्या  प्रतिबन्घित और दण्डनीय अपराध है। जिसके मद्देनजर श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को भी नगर निगम के अथक प्रयास एवं जनसहयोग के माध्यम से सफलतापूर्वक प्लास्टिक मुक्त सम्पन्न कराया जा चुका है। साथ ही, तमाम धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से 'स्टील के बर्तन बैंक' की स्थापना भी करायी जा चुकी है। जिसके उपयोग से स्वच्छता को बनाये रखने एवं पॉलिथीन या प्लास्टिक का उपयोग पूर्णतया प्रतिबन्धित करने और पर्यावरण हित में प्लास्टिक अपशिष्ट उत्सर्जन को न्यूनीकृत किये जाने की प्रक्रिया प्रबल हुई है। 
 
यही वजह है कि समस्त अपशिष्ट उत्सर्जकों, जैसे- होटल एवं रेस्टोरेन्ट, छोटे एवं मध्यम स्तर के होटल व्यवसायी, स्ट्रीट वेन्डर के रूप में कार्यरत ठेले-रेड़ी-खोमचें व वाहनों पर चलित फास्ट फूड सेन्टर, आईस्क्रीम पार्लर, आईस्क्रीम के ठेले, बर्फ व कुल्फी व्यवसायी, फल एवं गन्ना जूस विक्रेता, चाट, पकौड़े, गोल-गप्पे, समोसे, चायनीज फूड, साउथ इन्डियन फूड, चाय, काफी, फल एवं सब्जी विक्रेता, मक्के, भुट्ठे, पॉपकॉर्न, नमकीन मिश्रण, स्कूलों, विद्यालयों, कालिजों, चिकित्सालयों, कार्यालयों, सार्वजनिक स्थलों व पार्कों आदि स्थलों के आस-पास के विभिन्न खाद्य एवं अन्य वस्तुओं के विक्रेताओं को किसी भी प्रकार के प्लास्टिक का उपयोग, भण्डारण, वितरण, क्रय-विक्रय, पैकेजिंग को पूर्णतया प्रतिबन्धित किया गया है। 
 
नगर आयुक्त दिनेश चंद्र सिंह ने स्पष्ट कहा है कि सभी  लोग अपने अपने पेशेवर कार्यों हेतु प्लास्टिक के बर्तनों का उपयोग बन्द कर स्टीलों के बर्तनों का प्रयोग सुनिश्चित करें। इसके अलावा, अपने सामानों की पैकेजिंग आदि से सम्बन्धित कार्य कागज, कपड़े, पत्तल, बांस एवं अन्य वनस्पतियों का उपयोग, मिट्टी के बर्तन एवं अन्य पर्यावरण हितैषी पदार्थों-वस्तुओं का उपयोग करें। साथ ही, आवश्यकता अनुरूप स्टील के बर्तन बैंक की स्थापना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ऐसे समस्त आयोजन जिसमें 100 से अधिक लोगों के प्रतिभाग करने एवं उनके उपयोग हेतु भोजन एवं जलपान आदि की व्यवस्था की जा रही हो, ऐसे स्थलों पर प्लास्टिक के बर्तनों का उपयोग पूर्णतया प्रतिबन्धित है। उल्लंघन की स्थिति में विधिक कार्यवाही एवं अर्थदण्ड अधिरोपित किया जायेगा। 
 
नगर आयुक्त दिनेश चंद्र सिंह ने कहा कि आगामी 4 अगस्त के पूर्व सभी चिन्हित लोगों को आगाह किया जाता है कि उप्र जीव अनाशित कूड़ा कचरा अधिनियम 2018, ठोस अपशिष्ट प्रबन्ध नियमावली 2018 और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्ध और प्रहस्तन नियम 2016 के अनुपालन में किसी भी प्रकार के प्लास्टिक- एक बार उपयोग होने वाले डिस्पोजल, प्लास्टिक के बर्तनों, पॉलीथीन के कैरी बैग इत्यादि का उपयोग पूर्णतया प्रतिबन्धित या बन्द कर दें। क्योंकि 4 अगस्त के बाद नगर निगम द्वारा नगर निगम परिक्षेत्र में सघन निरीक्षण व चेकिंग अभियान संचालित किया जायेगा। इस दौरान नियमन का उल्लंघन पाये जाने की स्थिति में सम्बन्धित लोगों के विरूद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी एवं अर्थदण्ड अधिरोपित किया जायेगा। इसका अनुपालन शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराने हेतु आगामी 4 अगस्त के बाद दैनिक आधार पर समस्त वार्ड पार्षदों एवं नगर निगम कार्मिकों द्वारा संयुक्त रूप से सघन अभियान चलाकर नगर परिक्षेत्र को प्लास्टिक अपशिष्ट मुक्त एवं स्वच्छ व सुन्दर बनाने के सम्बन्ध में प्रयास किया जायेगा। 
 
नगर आयुक्त श्री सिंह ने समस्त सम्मानित आम-जनमानस से अपेक्षा जताई है कि आप सभी स्वयं,  परिवार तथा पड़ोस में एवं कार्यालय, व्यवसाय स्थलों पर प्लास्टिक का प्रयोग पूर्णतया बन्द कर दें। साथ ही, इस हेतु जन जागरूकता पैदा करने में नगर निगम को वांछित एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करें। ताकि हम सभी नगर परिक्षेत्र को प्लास्टिक अपशिष्ट मुक्त एवं स्वच्छ व सुन्दर शहर बनाने में सफल हो पाएं। 
 
नगर आयुक्त दिनेश चंद्र सिंह ने आगे कहा कि स्वच्छ भारत मिशन नगरीय के अन्तर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 में नगर निगम, गाजियाबाद को प्रदेश में गरिमामयी सर्वोच्च स्थान प्राप्त हुआ था। जिससे स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 से सम्बन्धित गतिविधियां भी नगर निगम द्वारा संचालित की जा रही हैं, जिसके अनुपालन और  सभी लोगों के सहयोग से नगर निगम, गाजियाबाद को राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में सर्वोच्च स्थान प्राप्त हो सकेगा।