बिहार में NDA की ताकत बने नीतीश, PM मोदी भी कर चुके तारीफ
March 17, 2019 • राकेश रमण

पटना। आम चुनाव को लेकर बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के होर्डिंग्स दिखने लगीं हैं। होर्डिंग्स में यह साफ है कि राजग इस दफे बिहार में नीतीश कुमार पर केंद्रित चुनावी अभियान को खास नीति के तहत तवज्जो दे रहा है। राजग के चुनावी अभियान में नीतीश कुमार के काम करने वाली इमेज और उनके परिश्रम की बातें कही जानी लगीं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनकी तारीफ कर चुके हैं। दिखने लगे हैं बड़े-बड़े होर्डिंग्सबेली रोड (जवाहर लाल नेहरू पथ) में जब आप सगुना मोड़ की तरफ से आ रहे होते हैं तो बड़े वाले फ्लाईओवर के दाएं एक बड़ा सा होर्डिंग लगाया गया है। सभा को संबोधन वाले स्टाइल में नीतीश कुमार की बड़ी तस्वीर है और स्लोगन है- सच्चा है, अच्छा है, चलो नीतीश के साथ चलें। बड़े प्वाइंट साइज में लिखे इस नारे के नीचे अपेक्षाकृत कम प्वाइंट साइज में यह लिखा है.संकल्प हमारा, एनडीए दोबारा। इसके अतिरिक्त राजग के किसी भी नेता की तस्वीर उक्त होर्डिंग में नहीं है। वैसे इस नारे को जदयू ने गढ़ा है। एक होर्डिंग का  नारा यह भी है- काम किया-सम्मान दिया। काम करने वाली इमेज और परिश्रम की बातें कही जाएंगी। राजग के चुनावी अभियान में नीतीश कुमार के काम करने वाली इमेज और उनके परिश्रम की बातें कही जानी शुरू हो गई हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही इसका आरंभ किया। गांधी मैदान में तीन मार्च को हुई राजग की रैली में प्रधानमंत्री ने नीतीश कुमार को कठिन परिश्रम करने वाले मुख्यमंत्री के संबोधन से नवाजा तथा बिहार को सुशासन की राह पर आगे ले जाने वाला कहा। राजग के अन्य घटक के नेता भी अपने संबोधन में नीतीश कमार की इमेज की चर्चा अनिवार्य रूप से कर रहे हैं। महिलाओं के लिए किए गए काम और सामाजिकअभियान की चर्चा होती है। नीतीश के मन की बात को ही प्राथमिकता विकास से जुड़े मसलों पर राजग में नीतीश कुमार के कार्यों को आगे तो रखा ही जा रहा वहीं बिहार से जुड़े राजनीतिक मसलों पर नीतीश कुमार के मन की बात को प्राथमिकता दी जा रही है। एक समय केंद्रीय मंत्री के रूप में जब उपेंद्र कुशवाहा नीतीश कुमार की लगातार आलोचना कर रहे थे, तब राजग में नीतीश कुमार का ख्याल रख कुशवाहा से संबंध खत्म करने से भी परहेज नहीं किया गया। सीट शेयरिंग के मामले में जदयू को बराबर की सीटें मिलीं। जदयू  को वैसी सीटें भी मिली जो लंबी अवधि से भाजपा के कब्जे में रही हैं।