महापुरुषों के नाम पर होंगी श्रमिक योजनायें : पं. सुनील भराला
February 28, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो

प्रयागराज|प्रयागराज सर्किट हाउस में श्रम कल्याण परिषद् के मंडलीय समीक्षा बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में माननीय अध्यक्ष ने बताया कि बैठक में पूर्व के कार्यों की समीक्षा की और कहा कि श्रम कल्याण परिषद् द्वारा चलाई जा रही पांच महत्वपूर्ण योजनाओं का नाम बदलकर महापुरुषों के नाम पर रखा जायेगा | 1. कार्यरत श्रमिक परिवारों के बच्चों को जो प्राविधिक शिक्षा या उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए जो वित्तीय सहायता दी जाती है उसका नाम एपीजे अब्दुल कलाम योजना रखा जायेगा | 2. कार्यरत श्रमिकों के मेधावी बच्चों को पुरस्कार दिए जाने वाली योजना का नाम गणेश शंकर विद्यार्थी योजना रखा जायेगा | 3. मृतक श्रमिकों की विधवा और आश्रितों को दी जाने वाली सहायता का नाम राजा हरीशचंद्र के नाम पर होगा| 4. औद्योगिक अधिष्ठानों में कार्य करने वाले श्रमिकों के बेटियों के विवाह में कन्यादान सम्बन्धी योजना का नाम रानी लक्ष्मी बाई के नाम पर रखा जायेगा | 5. मृतक श्रमिकों को अंतिम संस्कार के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता की योजना का नाम दत्तोपंत ठेंगडी जी के नाम पर रखा जायेगा|

संविदा पर कार्य करने वाले श्रमिकों के हित को देखते हुए उनको भी श्रम कल्याण परिषद् से जोड़ने का निर्णय लिया गया और स्थाई श्रमिक (15000 से 21000 रूपये तक) वेतन वाले को श्रम कल्याण परिषद् के अंतर्गत जोड़ा जाएग | 17 हजार से अधिक उद्योग, साढ़े पांच लाख व्यापारिक प्रतिष्ठान आदि को जीएसटी से निकालकर उन्हें लाभ पहुँचाया जायेगा जिससे उनके माध्यम से श्रमिकों का लाभ हो |

 श्री भराला ने निर्देश देते हुए कहा कि जिलेवार जो श्रमिकों के आंकड़े प्रस्तुत किये गए हैं इससे परिषद् की श्रमिकों की अच्छी सोच नहीं दिखती है | सभी माध्यमों से ऑनलाइन, पत्राचार, जगह-जगह कैम्प लगाकर श्रमिकों को जोड़ा जाये जिससे उन्हें अपना अधिकार मिल सके | सभी अधिकारी और कर्मचारी सचेत हो जाये और अपने काम के प्रति गंभीर भी | इस दौरान मा. सदस्य श्री अजीत जैन, श्री कन्हैयालाल भारती के अतिरिक्त राकेश मिश्रा, रमेश ओझा आदि गणमान्य पदाधिकारी उपस्थित रहे |