महापौर और नगर आयुक्त ने नगर निगम सीमान्तर्गत आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों के साथ की कार्यशाला बैठक
April 20, 2019 • कमलेश पांडे
# प्रतिबन्धित प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के लिए नगर आयुक्त ने आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को दिलाई शपथ
 # नगर आयुक्त दिनेश चंद्र द्वारा बारीकी पूर्वक दी गई प्रतिबंधित प्लास्टिक को हतोत्साहित करने वाली जनोपयोगी जानकारी, नियम परिनियम के बारे में भी बताया
 
 
गाजियाबाद। शनिवार को महापौर आशा शर्मा और नगर आयुक्त दिनेश चन्द्र ने नगर निगम सीमान्तर्गत समस्त आरडब्ल्यूए व सोसाईटीज के अध्यक्ष कर्नल तेजेन्द्र पाल त्यागी एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ नगर निगम सभागार कक्ष में एक कार्यशाला आयोजित की।  
 
सर्वप्रथम नगर आयुक्त दिनेश चन्द्र द्वारा नगरीय ठोस अपशिष्ट :प्रबन्धन और हथालन: नियम, 2000 के अनुरूप केन्द्रीय सरकार ठोस अपशिष्टों का प्रबन्धन करने व ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियमावली-2016, और उप्र प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा-कचरा :उपयोग और निस्तारण का विनियमन: संशोधन अध्यादेश, 2018 व उप्र अध्यादेश संख्या 10 सन् 2018 की धाराओं के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए प्लास्टिक के दुष्परिणाम व अधिनियम की सुसंगत धाराएं जिनमें प्रतिबन्धित प्लास्टिक व पालिथीन यथा- कैरी बेग, गिलास, चम्मच, कप-प्लेट आदि का प्रयोग करने पर अर्थदण्ड एवं कारावास आदि का प्राविधान है, के बारे में भी जानकारी दी गयी। इसके अतिरिक्त, विशेष रूप से यह भी अवगत कराया गया कि 2 अक्टूबर, 2018 से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्लास्टिक व पालिथीन पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध भी लगा दिया गया है। 
 
बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने बल्क वेस्ट जनरेटर्स को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट-2016 अधिनियम की सुसंगत धाराओं के बारे में व्यवहारिक रूप से अवगत कराया गया तथा जानाकारी दी गयी कि सॉलिड वेस्ट तीन प्रकार का होता है-गीला कूड़ा, सूखा कूड़ा (रिसाइकलेबिल) व हानिकारक कूड़ा। ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियमावली-2016 के अन्तर्गत समस्त ऐसे बल्क वेस्ट जनरेटर यथा- केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार के विभाग अथवा उपक्रमों, स्थानीय निकायों, सार्वजनिक या प्राइवेट सेक्टर की कम्पनियों, अस्पतालों, नर्सिग होम, स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, शैक्षिक संस्थाओं, छात्रावासों, होटलों, बाजारों, पूजा स्थलों, स्टेडियमों और खेल परिसरों द्वारा अधिकृत भवन आदि, जिनके द्वारा प्रतिदिन 100 कि.ग्रा. से अधिक कूड़ा उत्सर्जित किया जा रहा है, को ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियमावली-2016 के प्रावधानों का अनिवार्य रूप से अनुपालन किया जाने के सम्बन्ध में उनके दायित्वों के बारे में निम्नलिखित जानकारी दी गयी।
 
नगर आयुक्त दिनेश चंद्र ने बताया कि सूखा व गीला कूड़ा एवं परिसंकटमय कूड़े को अलग-अलग कूड़ेदान में एकत्रित किया जाये। जबकि गीले कूड़े से अपने ही प्रांगण अथवा परिक्षेत्र में कम्पोस्ट व बायो-गैस बनायें।
साथ ही, सूखे कूड़े को नगर निगम अथवा नगर निगम द्वारा प्राधिकृत संस्था को ही दिया जाये। फिर, परिसंकटमय कूड़ा, सेनेट्ररी पैड अथवा डाईपर्स, निर्माण और विध्वंस सामग्री केवल प्राधिकृत कूड़ा एकत्र करने वाली संस्था को ही दिया जाये। 
 
नगर आयुक्त द्वारा उपस्थित अगन्तुकों को यह भी अवगत कराया गया कि नगर निगम द्वारा निगम सीमान्तर्गत पार्को व ग्रीन बैल्टों में एरोबिक कम्पोस्ट बनाने हेतु लगभग 280 लोहे के जाल लगवाये गये हैं तथा गीले कूड़े से 20 हजार लीटर लिक्विड खाद भी तैयार करा ली गयी है, जिसको नगर निगम अतिशीघ्र न्यूनतम दरों पर मार्किट में लॉच करने वाला है। 
 
नगर आयुक्त द्वारा सभी आरडब्ल्यूए व सोसाईटीज के पदाधिकारियों, बल्क वेस्ट जनरेटर्स को यह भी अवगत कराया कि भारत एक आस्था प्रधान देश है जिसमें आये दिन विभिन्न आयोजन, भण्डारे आदि किये जाते हैं तथा उनमें प्रतिबन्धित प्लास्टिक व पालिथीन यथा- कैरी बेग, गिलास, चम्मच, कप-प्लेट आदि का प्रयोग किया जाता है, जिस पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से बर्तन बैंक बनाकर आयोजनों व भण्डारों में स्टील आदि के बर्तनों का प्रयोग किया जाये, जैसे गुरूद्वारों में किया जाता है। 
 
बैठक में उपस्थित आरडब्ल्यूए व सोसाईटीज के पदाधिकारियों द्वारा सॉलिड वेस्ट के सम्बन्ध में नगर आयुक्त को अपने-अपने सुझाव से अवगत कराया गया, जिनको अलग से लिखित रूप में प्रेषित करने हेतु कर्नल तेजेन्द्र पाल त्यागी द्वारा आश्वासन दिया गया। आरडब्ल्यूए व सोसाईटीज के पदाधिकारियों द्वारा उठायी गयी विभिन्न समस्याओं के निस्तारण हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए आश्वस्त  किया गया कि समस्याओं का तत्काल नियमानुसार निराकरण करा दिया जायेगा। साथ ही विभिन्न आरडब्ल्यूए द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के अन्तर्गत गीले कूड़े से कम्पोस्ट बनाने के कार्य की नगर आयुक्त द्वारा सराहना की गयी तथा उनके द्वारा किन-किन पद्धतियों से कम्पोस्ट तैयार की जा रही है, के संदर्भ में सुझाव व प्रस्ताव भी नगर निगम को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। 
 
बैठक में महापौर आशा शर्मा एवं नगर आयुक्त दिनेश चंद्र द्वारा बैठक में उपस्थित कर्नल तेजेन्द्र पाल त्यागी,  राजश्री शर्मा, डा मधु शर्मा, अनुरंजना, के.के. शर्मा,  आरडी गोयल, सुरभी शर्मा, डी.सी. त्यागी, जय दीक्षित,  सुनीता, मुकेश, रमा त्यागी व अन्य पदाधिकारियों तथा नगर निगम के समस्त अपर नगर आयुक्त, समस्त जोनल प्रभारियों, नोडल अधिकारी-एसबीएम, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी, जोनल सैनेट्री आफिसर, पशु चिकित्सक, अधिशासी अभियन्ता (जल) एवं समस्त सफाई निरीक्षकों को पॉलिथीन का प्रयोग न करने तथा अपने आस-पास प्लास्टिक व पॉलिथीन का प्रयोग न होने दिये जाने के सम्बन्ध में शपथ भी दिलायी गयी।
अन्त में बैठक में उपस्थित सभी आरडब्ल्यूए व सोसाईटीज के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला का समापन किया गया।