मालदह को प्रोत्साहित करने के लिए बाँटे गये आम के पौधे
July 4, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो

पटना। बिहार के कृषि, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री डाॅ॰ प्रेम कुमार ने आज विधान सभा के माननीय सदस्यों को आम एवं आम का पौधा बाँटे जाने के संबंध में कहा कि दिनांक 02.07.2019 को बिहार विधान परिषद् में माननीय सदस्य विधान परिषद् डाॅ॰ राम बचन राय द्वारा पटना में दीघा मालदह आम के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति एवं उसके संरक्षण के संबंध में प्रश्न किया गया था, जिसमें उनके द्वारा दीघा मालदह के संरक्षण एवं प्रोत्साहन हेतु योजना बनाने का सरकार से आग्रह किया गया था। उसी प्रश्न के आलोक में मैंने दीघा मालदह आम को संरक्षित करने की बात कही थी।
दिनांक 03.07.2019 को बिहार विधान सभा में कृषि विभाग के बजट पर विचार विमर्श किया गया। पिछले कुछ वर्षों से माॅनसून की अनियमितता से बिहार लगातार जुझ रहा है। वर्ष 2018-19 में हथिया नक्षत्र में वर्षा नहीं होने के कारण प्रदेश के 25 जिलों के 280 प्रखंडों को सूखा घोषित करना पड़ा। इस वर्ष 2019-20 में माॅनसून का आगमन काफी विलम्ब से हुआ तथा जून महीने में सामान्य वर्षापात 167.7 मि.मि. की तुलना में वास्तविक वर्षापात मात्र 98.7 मि.मि. होने के फलस्वरूप राज्य में सूखे की आशंका बनी हुयी है। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों के प्रति पूर्ण संवेदनशीलता से एक-एक कदम उठा रही है। इसी का परिणाम है कि कृषि रोड मैप के अभिन्न भाग के रूप में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से संबंधित कार्यक्रमों को कृषि कार्यक्रमों के साथ समग्र रूप से कार्यान्वित किया जा रहा है। राज्य में वृक्ष आच्छादन को बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। फलदार वृक्षों के बागवानी के क्षेत्र में विस्तार के लिए राष्ट्रीय बागवानी मिशन के साथ राज्य सरकार मुख्यमंत्री बागवानी मिशन कार्यक्रम चला रही है। एक अभियान के रूप में राज्य में फलदार वृक्षो का वितरण किया जा रहा है। इसमें आम, अमरूद, आँवला आदि के पौधे किसानों को उपलब्ध कराये जा रहे है। बिहार का दीघा मालदह आम अपनी गुणवत्ता के लिए देश भर में विख्यात है। परन्तु आम के इस प्रभेद का पारम्परिक क्षेत्र पटना शहर के अंदर समाहित होने के बाद यह प्रभेद तेजी से विलुप्त हो रहा है। कृषि विभाग के बजट में बागवानी के लिए भी राशि की मांग शामिल की गयी थी। इसी पृष्ठभूमि में जलवायु परिवर्तन के प्रति संवदेनशीलता को ध्यान में रखते हुये राज्य में वृक्ष आच्छादन को बढ़ाने तथा दीघा मालदह के प्रचार-प्रसार के लिए दो-दो मालदह के कलम तथा जिस वृक्ष से ये कलम तैयार किये गये थे उसी वृक्ष से दो-दो किलो आम माननीय सदस्यों, बिहार विधान सभा को संदेश स्वरूप कृषि विभाग द्वारा दिया गया।