मीडिया-एक कदम आगे -पुस्तक समीक्षा
May 7, 2019 • राकेश रमण

भारत जैसे विशाल लोकतान्त्रिक देश में मीडिया पर से एक तरफ आम लोगों का भरोसा उठने लगा है वहीँ मीडिया की मौलिकता, सकारात्मकता, गंभीरता एवं महत्वता  को लेकर पत्रकार-लेखक एस.एस.डोगरा ने “मीडिया-एक कदम आगे” लिखी है. जो भारतीय युवा पीढ़ी को मीडिया में कैरियर तलाशने एवं उज्जवल भविष्य बनाने में नयी दिशा प्रदान करेगी. इस 128 पेज वाली पुस्तक को रूचि पब्लिकेशन हाऊस ने प्रकाशित किया गया है.

वरिष्ठ पत्रकार एवं राज्यसभा टीवी में कार्यरत अरविन्द कुमार सिंह का दावा है कि मीडिया एजुकेशन पर यह पुस्तक भावी युवा पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाने में तथा विशेषतौर पर मीडिया विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगी. वहीँ.वरिष्ठ मीडियाकर्मी एवं आल इंडिया रेडियो-आकाशवाणी में कार्यरत कार्यकारी अधिशाषी जैनेन्द्र सिंह का मानना है कि यह पुस्तक एक अत्यंत रोचक एंव उपयोगी प्रकाशन है मीडिया क्षेत्र में कदम रखने वालों के लिए या फिर उनके लिए भी जो इससे संबधित अलग-अलग क्षेत्रों के बारे में सामान्य जानकारी पाना चाहते हों.

लेखक एस.एस.डोगरा का मत है कि पहले लोग अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजिनियर, वकील बनाना चाहते थे लेकिन आज का  युवा मीडिया की ओर आकर्षित होने लगा है. इसीलिए मीडियाकर्मी बनने की अभिलाषा युवा पीढ़ी के अलावा अभिभावकों में अधिकाधिक पनपने लगी है. इसीलिए डोगरा जी ने वर्ष 2017 में अपनी पहली पुस्तक “मीडिया कैन डू वंडर्स इन स्टूडेंट्स लाइफ” लिखी जिसका प्रकाशन मेपल प्रैस समूह ने किया था. यह किताब अपने दो वर्ष के छोटे से सफ़र में भारत के सभी 29 राज्यों के साथ-साथ  14 देशों के प्रमुख विश्वविधालयों में विधार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो रही है. जो मीडिया जगत में काफी चर्चा में भी रही और लेखक एस.एस. डोगरा जी के निवेदन पर महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एवं दिल्ली के वर्तमान शिक्षामंत्री माननीय मनीष सिसोदिया जी के आदेश पर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, इन्द्रप्रस्थ आई.पी. यूनिवर्सिटी तथा अम्बेडकर यूनिवर्सिटी के पुस्तकालयों में भी सम्मानपूर्वक अपनी  जगह बनाने में कामयाब रही.

लेखक एस.एस.डोगरा  ने अपनी दूसरी किताब मीडिया एक कदम आगे के माध्यम से, अपनी सक्रीय पत्रकारिता के 25 वर्षों के अनुभवों को   युवाओं में मीडिया टिप्स के रूप में,   मीडिया की समस्त विधाओं प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक्स-रेडियो, टीवी, फिल्म, थिएटर, सोशल मीडिया, इन्टरनेट, जन-संपर्क, विज्ञापन, डिजिटल मार्केटिंग, मीडिया लिटरेसी, फोटोग्राफी के साथ-साथ उम्दा लेखन कला के बारे में ऐतिहासिक तथ्यों को बड़े ही रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है. यह पुस्तक मीडिया विद्यार्थियों (स्कूल व् कालेज) तथा बी.जे.एम्.सी. प्रवेश एवं  परीक्षा की तैयारी करने तथा मीडिया में कैरियर बनाने के  लिए बहुत ही उपयोगी साबित हो सकती है.