मुरादनगर में बाबा बनकर ठगने वाले चार तांत्रिक गिरफ्तार
February 15, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो
13 मोबाइल, बैंकों की पासबुक, चेकबुक और नगदी जब्त
 देशव्यापी नेटवर्क का खुलासा, लगभग 80 लाख की ठगी की
गाजियाबाद। विभिन्न समस्याओं से ग्रस्त लोगों को जादू-टोनों के सहारे ठीक करने का झांसा देने वाले चार फर्जी तांत्रिकों को मुरादनगर पुलिस ने दबोच लिया है। इनके पास से विभिन्न कंपनियों के 13 मोबाइल, बैंक पासबुक, चेकबुक, और नगदी आदि बरामद किया गया है।
इस बात की जानकारी एसपी ग्रामीण अरविंद मौर्या ने पत्रकारों को एसएसपी कार्यालय स्थित अपने कक्ष में दी। 
श्री मौर्या ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में शौकीन, नफीस, वसीम व साहिल उर्फ राजा को गिरफ्तार किया गया है, जो मुरादनगर के रहने वाले हैं। इनका गिरोह सारे देश में है। ये लोग बंगाली बाबा बनकर सपना पंफलेट छपवाकर खुला चैलेंज देते, शक्ति का चमत्कार दिखाते और कुछ घंटे हर मर्ज का शर्तिया इलाज का दावा करते थे। ये लोग अखबारों में भी विज्ञापन छपवाते थे। 
 
उन्होंने आगे कहा कि जब पीडित लोग इनसे संपर्क करते थे तो ये लोग उनकी परेशानी का फायदा उठाकर जाल में फंसा लेते थे। फिर जादू-टोना आदि करने के नाम पर बैंक अकाउंट में फंड ट्रांसफर करा लेते थे। लेकिन जब इनके जाल में संभल के बहजोई की रहने वाली महिला कांस्टेबल अनीता भी फंस गई तो इनकी पोल खुल गई।बताया गया है कि वह फैफड़ों की बीमारी से परेशान थी। जिसे इन लोगों ने ठीक करने का झांसा दिया। उसके बाद उससे अपने खाते में कई बार में तीन लाख से अधिक रुपये ट्रांसफर करा लिए। लेकिन जब अनीता को फायदा नहीं पहुंचा तब उसने मुरादनगर थाने पर मुकदमा दर्ज करा दिया।
 
उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर एसएचओ उमेश बहादुर सिंह और इंस्पेक्टर क्राइम सुभाष सिंह की टीम को लगाया गया जिन्होंने उन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद खुलासा हुआ कि ये लोग फर्जी आईडी पर सिम लेते थे और कुछ समय बाद सिम बंद कर देते थे। इसके अलावा, ये शातिर लोग अलग अलग शहरों में अलग अलग नंबर लेते थे। जिसके चलते ठगी का शिकार इन तक लोगों तक नहीं पहुंच पाते थे। लेकिन पुलिस ने जब मोबाइलों के जरिये  इनका डाटा खंगाला तो कई चौंकाने वाले तथ्यों और बैंक अकाउंट का पता चला। फिर बैंक एकाउंट की स्टेटमेंट के जरिये पता चला कि ये लोग 70-80 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन बैंक से करा चुके हैं। क्योंकि ये गिरोह 2015 से इस काम को पूरे देश में अंजाम दे रहा था।
 
बताया गया है कि 13 मोबाइल फोन, बैंक आफ बड़ोदा की दो पासबुक और दो चेकबुक, इलाहाबाद बैंक व  आडीबीआई बैंक की पासबुक और चेकबुक आरियंटल बैंक आफ कामर्स, एचडीएफसी बैंक, आईसीआसीआई बैंक की पर्चियों के अलावे चार वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और 1460 रुपये बरामद किए गए हैं।
 
इस सराहनीय कार्य को करने वाली टीम में एसएचओ उमेश बहादुर सिंह, इंस्पेक्टर क्राइम सुभाष सिंह, उपनिरीक्षक धर्मेंद्र लांबा, उपनिरीक्षक विपिन कुमार, उपनिरीक्षक दीपक कुमार, हैड कांस्टेबल सत्यवीर सिंह, हैड कांस्बेटल संजीव राठी, कांस्टेबल अनिल कुमार व करनवीर शामिल रहे, जो बधाई के पात्र हैं।