मेट्रोपोलिस हेल्‍थकेयर लिमिटेड का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम 03 अप्रैल को खुलेगा और 05 अप्रैल को बंद होगा
April 2, 2019 • शशिधर शुक्ला

नई दिल्ली : मेट्रोपोलिस हेल्‍थकेयर लिमिटेड ने 03 अप्रैल को इक्विटी शेयरों का अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (“आइपीओ”) लाने का प्रस्‍ताव रखा है।  मेट्रोपोलिस 31 मार्च 2018 तक के आंकड़ों के अनुसार राजस्‍व के लिहाज से भारत की प्रमुख डायग्‍नोस्टिक्‍स कंपनियों में से एक है।

आइपीओ में 2 रुपये सममूल्‍य (“इक्विटी शेयर”) के 13,685,095 इक्विटी शेयर्स शामिल हैं और इसमें डॉ. सुशील कनुभाई शाह (“प्रवर्तक विक्रय शेयरधारक”) द्वारा 6,272,335 इक्विटी शेयरों एवं सीए लोटस इन्‍वेस्‍टमेंट्स (“निवेशक विक्रय शेयरधारक”) द्वारा 7,412,760 इक्विटी शेयरों तक की बिक्री की पेशकश (“ऑफर”) शामिल है। इस निर्गम में योग्‍य कर्मचारियों (“कर्मचारी आरक्षण हिस्‍सा”) द्वारा अभिदान के लिए 300,000 इक्विटी शेयरों तक का आरक्षण शामिल है। कर्मचारी आरक्षण हिस्‍सा हटाने के बाद इस निर्गम को “नेट ऑफर” (शुद्ध निर्गम) कहा जायेगा और इस नेट ऑफर में 13,385,095 इक्विटी शेयर शामिल हैं।

निर्गम बंद होने की अंतिम तारीख 05 अप्रैल, 2019 है। इस निर्गम का प्राइस बैंड 877 रुपये से 880 रुपये प्रति इक्विटी शेयर है। बोली 17 इक्विटी शेयरों के न्‍यूनतम लॉट के लिए और फिर 17 इक्विटी शेयरों के गुणक में लगाई जा सकती है।इक्विटी शेयरों को बीएसई एवं एनएसई (“स्‍टॉक एक्‍सचेंज”) पर सूचीबद्ध किया जाना प्रस्‍तावित है।

इस निर्गम के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर्स (“बीआरएलएम”) जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड, क्रेडिटसुइस सिक्‍युरिटीज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, गोल्‍डमैन सैश (इंडिया) सिक्‍युरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड और कोटक महिन्‍द्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड हैं।

इस निर्गम का उद्देश्‍य स्‍टॉक एक्‍सचेंजों पर इक्विटी शेयरों को सूचीबद्ध कराने और ऑफर फॉर सेल के लाभ हासिल करना है।यह निर्गम संशोधित सिक्युरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) रूल्स, 1957 के नियम 19 (2)(बी) (‘‘एससीआरआर‘”) के अनुसार लाया जा रहा है। इसे संशोधित भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (इश्यू ऑफ कैपिटल एंड डिस्क्लोजर रिक्वॉयरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2009 के नियम 41 (‘‘सेबी आइसीडीआर रेगुलेशंस‘‘) के साथ पढ़ें। यह ऐसा निर्गम है जिसमें कंपनी की निर्गम-पश्चात चुकता इक्विटी शेयर पूंजी का कम से कम 10 प्रतिशत पब्लिक को पेश किया जायेगा।

 यह ऑफर संशोधित सेबी आइसीडीआर रेगुलेशंस के नियम 26 (2) के अनुसार, बुक बिल्डिंग प्रोसेस के माध्यम से लाया जा रहा है। इसके तहत शुद्ध निर्गम का 75 प्रतिशत आनुपातिक आधार पर क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (‘‘क्यूआइबी हिस्सा”) को आवंटन के लिए उपलब्ध होगा। इसमें यह प्रावधान है कि कंपनी और विक्रय शेयरधारक, बीआरएलएम्स के साथ विचार-विमर्श कर क्यूआइबी हिस्से का 60 प्रतिशत विवेक के आधार पर एंकर निवेशकों (‘‘एंकर निवेशक हिस्सा”) को आवंटित कर सकते हैं। इसमें से एक तिहाई हिस्सा घरेलू म्यूचुअल फंडों के लिए आरक्षित होगा। इसे घरेलू म्यूचुअल फंडों से या एंकर निवेशक आवंटन की कीमत पर या इससे अधिक दाम पर वैध बिड्स मिलना अनिवार्य हैं।

 सब्‍सक्रिप्‍शन पूरा नहीं होने अथवा एंकर निवेशक हिस्‍से में गैर-आवंटन की स्थिति में, शेष इक्विटी शेयरों को क्‍यूआइबी हिस्‍से में जोड़ दिया जायेगा। क्‍यूआइबी हिस्‍से (एंकर निवेशक हिस्‍से को छोड़कर) का 5 प्रतिशत आनुपातिक आधार पर सिर्फ म्‍यूचुअल फंडों को आवंटन के लिए उपलब्‍ध होगा।

 क्‍यूआइबी हिस्‍से का शेष हिस्‍सा आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए क्‍यूआइबी को उपलब्‍ध होगा, इसे निर्गम की कीमत पर या इससे अधिक कीमत पर वैध बोली मिलना अनिवार्य है। यदि शुद्ध निर्गम का कम से कम 75 प्रतिशत क्‍यूआइबी को आवंटित नहीं किया जाताहै तो समूची आवेदन राशि को रिफंड कर दिया जायेगा।यही नहीं, सेबी आइसीडीआर नियमों के अनुसार, शुद्ध निर्गम का कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए गैर संस्थागत निवेशकों के लिए, जबकि शुद्ध निर्गम का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के लिए उपलब्ध होगा। इन्हें निर्गम की कीमत पर या इससे अधिक दाम पर वैध बिड्स मिलना अनिवार्य हैं।