रसोई उत्सव में दौसा के डोवठा ने मारी बाजी
March 18, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो

                 दीपाली जैन रसोई क्विन और शौर्य पंडित बने यंग शैफ

जयपुर। जल महल के सामने राजस्थान हाट पर चल रहें 'रसोई 2019: स्वाद राजस्थान का' उत्सव में परंपरागत मिठाइयों में दौसा के डोवठा ने बाजी मारी वहीं रसोई क्वीन का खिताब दीपाली जैन ने जीता और यंग शैफ में शौर्य पंडित ने बाजी मारी। उद्योग आयुक्त डॉ. के के पाठक और राजस्थान खाद्य व्यापार संघ के अध्यक्ष श्री बाबू लाल गुप्ता ने विभिन्न श्रेणियों में श्रेष्ठ स्टॉल और व्यंजन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृृत किया। आयुक्त डॉ. पाठक ने रसोई 2019 : स्वाद राजस्थान का उत्सव के प्रति जयपुरवासियों के जोरदार उत्साह, अपार सहभागिता और स्नेह पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक अभिनव और अनूठा उत्सव रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग ने इस उत्सव में प्रदेश के परंपरागत मिठाई-व्यंजनों के साथ ही मसाले और पात्र उपलब्ध कराने की पहल की। डॉ. पाठक ने प्रतियोगिता के विजेताओं और प्रतिभागियों का भी आभार जताया। राजस्थान खाद्य व्यापार संघ के अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने आयोजन को अद्वितीय और अद्भुत बताते हुए कहा कि औद्योगिक संघों ने उत्सव में सक्रिय भागीदारी निभाई है। प्रतिभागियों में परंपरागत मिठाइयों की श्रेणी में दोैसा के डोवठा वाला स्वीट्स, गंगापुर के केेशव मिल्क प्रोडक्ट के खीर मोहन, जैसलमेर के चन्द्र प्रकाश व्यास के घोटवा लड्डू और चौमू के ओम प्रकाश को चौमू की बर्फी को रसोई उत्सव में सर्वाधिक बिक्री व लोकप्रियता के आधार पर पुरस्कृत किया गया। नवाचार में 'स्पून ऑफ स्पाइसेज' के लहरिया गुलाब जामुन, समोसा और होमली स्नैक्स के अदरक के हलवे ने मेले में आने वालों का दिल जीत कर पुरस्कार प्राप्त किया।

 रसोई उत्सव में चारों दिन आयोजित प्रतियोगिताओं में राजस्थानी ट्रेडिशनल थाली में दीपाली जैन, प्रियंका वर्मा और अनता कट्टा क्रमश: पहले दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। केक विदाउट एग में प्रीति शर्मा, शैफाली रावत, खुशबू गुप्ता, खीर प्रतियोगिता में तारा माथुर, प्रीति शर्मा और कुसुम गुप्ता पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रही। दाल, बाटी चूरमा में अनिता कट्टा, नीलम अग्रवाल और सुशीला देवी विेजेता रही। यंग शैफ में शौर्य पंडित, लक्ष्य सोनी, श्रीधिका शर्मा और आपणा टाबर में रिया माथुर, प्राजल शर्मा और सिद्धार्थ धीर पुरस्कृत हुए।

रसोई 2019 उत्सव में अंतिम दिन मध्यान्ह में बृृज होरी ने दर्शकों का मन मोह लिया और समूचा राजस्थान हाट राधे राधे के जयकारों से गूंज गया। समूचा राजस्थान हाट कृृष्ण भक्ति में रम गया। इसी के साथ चार दिवसीय रसोई उत्सव अपार उत्साह और उमंग के साथ रविवार को संपन्न हुआ।