राजधानी दिल्ली में भारतीय भाषा अभियान पूर्वी भारत (बौद्धिक परिषद) की विशेष बैठक आयोजित
August 30, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो
नई दिल्ली । सर्वोच्च न्यायालय में उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड मध्य प्रदेश एवं अन्य राज्यों के प्रवासी अधिवक्ताओं को संगठित कर बनाया गया भारतीय भाषा अभियान पूर्वी भारत के बौद्धिक परिषद की महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली कार्यालय में बुधवार को संपन्न हुई जिसमें आगामी राष्ट्रीय हिंदी दिवस पखवाड़ा उद्घाटन एवं समापन समारोह व सभी राज्यों में स्थित भारतीय भाषा अभियान की इकाइयों में पखवाड़ा आयोजन से संबंधित अनेक विषयों पर चर्चा की गई तथा अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।             
              7 सितंबर गन्ना संस्थान लखनऊ के उद्घाटन समारोह एवं 21 सितंबर के वात्सल्य ग्राम वृंदावन के समापन समारोह में सहभागिता हेतु सभी इकाइयों के कार्यकारिणी सदस्यों एवं अधिवक्ताओं को बड़ी संख्या में समारोह में सहभागिता हेतु राज्य कार्यकारिणी दायित्व धारकों को कहा गया । इसके साथ ही सभी इकाइयों को अपने न्यायालय में समारोह आयोजित करने के लिए कहा गया जिसमें जनपद न्यायाधीश, जिलाधिकारी, सांसद, विधायक एवं अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों तथा संघ एवं परिषद के पदाधिकारियों की सहभागिता के लिए निमंत्रण पत्र भेजने के लिए कहा गया ताकि भारतीय भाषा अभियान के उद्देश्यों से सभी को परिचित कराया जाए एवं न्यायालयों में भारतीय भाषाओं के प्रयोग के लिए किए जा रहे हमारे प्रयास को जनसमर्थन प्राप्त हो सके व जनता को जनता की भाषा में न्याय मिल सके।
             इसी कड़ी को बढ़ाते हुए अधिवक्ताओं ने विचार रखा की विभिन्न सरकारी संगठनों में मनाए जा रहे राष्ट्रीय हिंदी दिवस पखवाड़े के अवसर पर हमारे बौद्धिक परिषद के विद्वान अधिवक्ता सहभागिता करें ताकि सभी विभाग विधिक प्रावधानों को समझ कर भारतीय भाषाओं को अपने कामकाज में लागू कर सकें और किसी विधिक परेशानी में पड़ने का भय समाप्त होने से भारतीय भाषाओं को सरकारी कामकाज की भाषा बनाने की दिशा में अग्रसर हो सके।
हर राज्य से 12-12 वरिष्ठ अधिवक्ताओं के कार्यकारिणी सदस्यों को चिन्हित करना व अभियान से जोड़ना यह भी बैठक में तय हुआ।
           बौद्धिक परिषद द्वारा भी दिल्ली में राष्ट्रीय हिंदी दिवस पखवाड़ा आयोजित करने पर विचार किया गया जिसे मूर्त रुप देने के लिए दायित्व निर्धारित किया गया।अध्यक्षता क्षेत्रीय संयोजक  कामेश्वर नाथ मिश्र ने की जिसमें अनेकों वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने सहभागिता की।