राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न
September 7, 2019 • बाल मुकुन्द ओझा

                  # शिक्षा संग हुनर ही लायेगा युवाओं में बदलाव

जयपुर। राजस्थान कौशल विश्वविद्याालय के कुलपति डाॅ. ललित के. पंवार ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ हुनर का प्रशिक्षण प्राप्त करना समय की मांग है ताकि बेहतरीन हुनर प्राप्त कर हमारे युवा स्वरोजगार प्राप्त कर अपने जीवन को सफल बना सकें। 

डाॅ पंवार नेहरू युवा केन्द्र संगठन राजस्थान द्वारा राजधानी जयपुर के निकटवर्ती जामडोली में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जीवन में किसी न किसी हुनर का होना आवश्यक है तभी हम जीवन में अपने लक्ष्य को पा सकते हैं। लक्ष्य पाने के लिए हमें सबसे पहले शिक्षित होना जरूरी है। उन्होंने नेहरू युवा केंद्र संगठन राजस्थान द्वारा चलाए जा रहे प्रशिक्षण  कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा की प्राचीन काल में  शिक्षा से पहले हुनर में प्रशिक्षित किया जाता था ताकि व्यक्ति के जीवन में शिक्षा और हुनर मिलकर उसे पूर्णता दे सके। लार्ड मैकाले ने इस सांस्कृतिक ताने बाने में बनी शिक्षा संग हुनर की व्यवस्था को तोड़ा। आज शिक्षा और हुनर दोनों की जरूरत सभी को महसूस होने लगी है और सरकार अपनी रीति नीति से प्राचीन परम्परा को पुनः जीवित करने में लगी है।
 
डाॅ. पंवार ने कहा कि नेहरू युवा केन्द्र गांव स्तर पर परिवर्तनकारी भूमिका निभाता है और स्वयंसेवक इस कार्य में महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षकों से राष्ट्रीय युवा स्वयं सेवकों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिऐ प्रभावकारी भूमिका के लिए आह्वान किया। 

 कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुऐ नेहरू युवा केन्द्र संगठन के शासी निकाय के राष्ट्रीय सदस्य राजेन्द्र प्रसाद सैन ने कहा कि राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक युवा गतिविधियों की धुरी है। उन्होंने प्रशिक्षकों से कहा कि उनकी मेहनत ही राज्य में युवाओं में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। अतिथियों का स्वागत करते हुऐ नेहरू युवा केन्द्र संगठन के राज्य निदेशक डाॅ. भुवनेश जैन ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी देते हुऐ बताया कि चालीस प्रशिक्षकों के माध्यम से राज्य के 645 राष्ट्रीय युवा स्वयं सेवकों को प्रशिक्षित किया जाऐगा। प्रशिक्षण के बाद राष्ट्रीय युवा स्वयं सेवक अपनी भूमिका को उद्देश्य पूर्ण बनाने में सफल होंगे।