राहुल गाँधी अपने बयान पर माफ़ी मांगे -जाबड़ेकर
August 28, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया और जम्मू.कश्मीर पर कांग्रेस नेता राहुल गाँधी के दिए गए विवादास्पद बयान पर करारा प्रहार करते हुए कांग्रेस पर पाकिस्तान की तरफदारी का आरोप लगाया। 

श्री जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी ने अपनी हरकतों से देश को शर्मिंदा किया है। जिस तरह से कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी ने जम्मू.कश्मीर की स्थिति के बारे में तथ्यहीन और अनर्गल टिप्पणी की हैए वह निंदनीय है और भारतीय जनता पार्टी सहित समग्र राष्ट्र की जनता इसकी कड़ी भर्त्सना करती है।आखिर राहुल गाँधी ये झूठी जानकारी कहाँ से लेकर आये। राहुल गाँधी को अपने इस झूठे और दुर्भाग्यपूर्ण बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए एवं  कांग्रेस पार्टी को भी माफी मांगनी चाहिए।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि वास्तव में जम्मू.कश्मीर में स्थिति लगातार सुधर रही हैए जनजीवन सामान्य हो रहा है स्कूल-कॉलेज खुल रहे हैं, टेलीफोन सेवा बहाल हो रही है और जरूरत की सभी चीजें मुहैय्या कराई जा रही है। जम्मू.कश्मीर में कहीं से भी हिंसा या हिंसा में किसी की भी मौत की कोई खबर नहीं है लेकिन राहुल गाँधी का यह बयान पाकिस्तान में सुर्खियाँ बटोर रहा है और पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र संघ में जो आवेदन दिया हैए उसमें भी राहुल गाँधी के इस दुर्भाग्यपूर्ण बयान को आधार बनाया है। ज्ञात हो कि पाकिस्तान की आतंक को बढ़ावा देने वाली सरकार की मंत्री ने यूएन को लिखी चिट्ठी में राहुल गाँधी के बयान को आधार बनाया है। 

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि जम्मू.कश्मीर पर राहुल गाँधी का दुर्भाग्यपूर्ण बयान देश को शर्मसार करने वाला है। यह कांग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी का वैचारिक दिवालियापन तो है हीए इससे भी ज्यादा यह उनकी ओछी वोट बैंक की राजनीति है। राहुल गाँधी के इस झूठे बयान पर पूरे देश की कड़ी प्रतिक्रिया आई, देश भर में भारतवर्ष की गरिमा को बदनाम करने वाले इस बयान पर लोगों का आक्रोश सामने आया तब जाकर राहुल गाँधी अपने बयान से पलटे हैं,कांग्रेस पार्टी अपने बयान से पीछे हटी है। आज राहुल गाँधी को यह कहना पड़ा है कि जम्मू.कश्मीर भारत का आतंरिक मामला है और इसमें पाकिस्तान सहित किसी भी तीसरे देश के हस्तक्षेप के लिए कोई जगह नहीं है और जम्मू.कश्मीर में जो भी हिंसा होती है वह पाकिस्तान प्रायोजित है। यह पूरी तरह से कांग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी का यू.टर्न है। जिन्होंने देश में 20 महीने तक लोकतंत्र का गला घोंटते हुए आपातकाल लगाया आज वे सवाल खड़ा कर रहे हैं, यह देश की जनता भलीभांति समझती है। उन्होंने कहा कि वास्तव में स्थिति ठीक होने के लिए ही घाटी में कुछ रोक लगाए गए हैं जिसे धीरे.धीरे हटाये जा रहे हैं। जम्मू.कश्मीर की जनता ने भी इसका स्वागत किया है।

श्री जावड़ेकर ने कहा कि जम्मू.कश्मीर में धारा 370 की समाप्ति के साथ ही विकास की धारा बहेगी, देश के सभी क़ानून वहां लागू होने और केंद्र सरकार की सभी गरीब कल्याण की योजनायें भी वहां इम्प्लीमेंट हो सकेगी। जम्मू.कश्मीर में संसद द्वारा विकास का जो यह परिवर्तन किया गया हैए उसके बहुत ही दूरगामी और सकारात्मक परिणाम होंगे। ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर बिना परमिशन के राहुल गाँधी आखिर जम्मू.कश्मीर गए ही क्यों और वहां जाकर उन्होंने ओछी राजनीति क्यों की यह गंभीर चिंता का विषय है। वास्तव में राहुल गाँधी का मुख्य उद्देश्य शांत जम्मू.कश्मीर के माहौल को भड़काना था ताकि वे अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंक सकें। देश का कोई राजनेता इस तरह के निचले स्तर की राजनीति नहीं करेगा वह भी तब जबकि देश की सुरक्षा और एकता व अखंडता का सवाल हो। 

श्री जावड़ेकर ने कहा कि हमें तो लगता है कि जो मणिशंकर अय्यर की सोच है वही राहुल गाँधी और कांग्रेस पार्टी की सोच बन गई है। कांग्रेस के कई नेता अलग दिखने का प्रयास करते हैं लेकिन आखिर में यही साबित होता है कि मणिशंकर अय्यर जो कहते हैं वही कांग्रेस की असली सोच है और उसी का दर्शन राहुल गाँधी के जम्मू.कश्मीर पर दिए गए विवादित बयान से झलकता है। यही कारण है कि आज राहुल गाँधी को अपने बयान से यू.टर्न लेना पड़ा है। राहुल गाँधी मन से अपने बयान से नहीं पलटे हैं बल्कि परिस्थितिए दबाव और जनता के आक्रोश के कारण पलटे हैं। कांग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी को देश को शर्मिंदा करने वाले इस दुर्भाग्यपूर्ण बयान के लिए अविलंब माफी मांगना चाहिए।