रेल टेल द्वारा शुरू किए गए ई-ऑफिस का शुभारम्भ
July 1, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो

उत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक टी.पी. सिंह ने आज रेलवे और रेल टेल के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में उत्तर रेलवे पर रेल टेल द्वारा शुरू किए गए ई-ऑफिस का शुभारम्भ किया । दिन प्रतिदिन के फाइल संबंधी कार्यों को डिजिटाइज्ड करने के लिए यह क्‍लाउड आधारित सॉफ्टवेयर ई-ऑफिस है । ई-ऑफिस का क्रियान्वयन न केवल कामकाज में दक्षता एवं पारदर्शिता लाएगा बल्कि बड़ी संख्या में कागजों की खपत में कमी लाकर हरित उपायों में मदद देगा ।

रेल मंत्रालय के अन्तर्गत आने वाले एक मिनी रत्न सार्वजनिक उपक्रम, रेल टेल ने भारत सरकार के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कार्यक्रम के तहत् भारतीय रेल के लिए ई-ऑफिस प्रणाली, जोकि मिशन मोड परियोजना है, के क्रियान्वयन का कार्य अपने हाथ में लिया है । रेल टेल ने केवल 3.5 माह की अवधि में ही 7 सी.टी.आई., 2 पी.यू. (आई.सी.एफ., सी.एल. डब्ल्यू.) के साथ-साथ ई-ऑफिस प्रणाली का क्रियान्वयन दक्षिण मध्य रेलवे ( मुख्यालय और सभी 6 मंडलों-गुंटूर, सिकन्दराबाद, गुंटकल, विजयवाड़ा, हैदराबाद और नांदेड़) और दक्षिण रेलवे के त्रिचि मंडल पर पहले ही कर दिया है ।सितम्बर, 2019 तक प्रत्येक जोनल मुख्यालय और उसके 1 मंडल में इस प्रणाली को पूरी तरह से क्रियान्वित करने का लक्ष्य है ।

उत्तर रेलवे प्रधान कार्यालय, और इसके अम्बाला मंडल के ई-आफिस के क्रियान्वयन पर बोलते हुए उत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक ने कहा कि रेल टेल ने बहुत कम समय में ही उत्तर रेलवे मुख्यालय और अम्बाला मंडल पर यह काम शुरू कर दिया है । इससे फाइलों के शीघ्र निपटान के साथ-साथ बेहतर दक्षता और पादर्शिता लाने में भी मदद मिलेगी । इससे पर्यावरण अनुकूल कार्य स्थल को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ कार्बन फूट प्रिंट को कम करने में भी मदद मिलेगी ।

      इस परियोजना पर प्रकाश डालते हुए रेल टेल के मुख्य प्रबंधन निदेशक पुनीत चावला ने कहा कि हमने समूचे  भारतीय रेलवे पर ई-ऑफिस का क्रियान्वयन करने के लिए भारतीय रेल के साथ एक करार पर हस्ताक्षर  किए हैं । पहले चरण की इस परियोजना के अंतर्गत 50 हजार उपयोगकर्ताओं को ई-ऑफिस से जोडा जायेगा । वर्तमान में  ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म में पहले चरण की परियोजना के अंतर्गत 12302 उपयोगकर्ताओं को रजिस्टर किया जायेगा । अन्य जोनल मुख्यालयों, मंडलों और यूनिटों में भी इस प्रणाली का स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है और सितम्बर, 2019 की लक्ष्यावधि के भीतर इस कार्य को पूरा कर लिया जायेगा ।

      रेल टेल ई-ऑफिस को सिकन्दराबाद और गुरूग्राम में रेल टेल टीयर-3 प्रमाणित डेटा केन्द्रों से होस्ट किया जाता है । यह ई-ऑफिस प्रक्रिया केन्द्रीय सचिवालय मैनुअल पर आधारित है । वर्तमान में 4 मॉड्यूल (फाईल मैनेजमेंट सिस्टम, नॉलेज मैनेजमेंट सिस्टम, सहयोग और संदेश सेवा और कार्मिक सूचना प्रबंधन प्रणाली) वाली यह ई-ऑफिस प्रणाली लागू की जा रही है । यह प्रणाली पारदर्शिता और जबाबदेही को बढ़ाने तथा सरकारी कार्य संस्कृति और मूल्यों को बदलने के लिए तैयार की गई है ।

      भारतीय रेलवे देश के सर्वाधिक कर्मचारियों वाला संगठन है और इसके कार्यालय लगभग देश के प्रत्येक भाग को समेटते हैं । फिलहाल भारतीय रेलवे कार्यालय के दस्तावेजों को मैनुअल तरीके से ही संभालती है । इससे ने केवल प्रक्रिया धीमी होती है बल्कि अधिक ऊर्जा और समय लगता है । ई-ऑफिस के क्रियान्वयन से भारतीय रेलवे के दिन-प्रतिदिन के कार्य का न केवल डिजिटलीकरण सुनिश्चित होगा बल्कि रेल कर्मचारियों और यात्रियों को लाभ होगा ।