सीमावर्ती क्षेत्र में पाक के लिए जासूसी करने के आरोप में एक गिरफ्तार
March 13, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो

जयपुर। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस इंटेलिजेंस उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार पाकिस्तानी हैंडलिंग एजेंसी को राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों की सामरिक महत्व की सूचना भेजने में लिप्त संदिग्ध नवाब खां पुत्र मठार खान (36) निवासी गांव गांगा पुलिस थाना सम जिला जैसलमेर को सीआईडी विशेष शाखा जयपुर के स्पेशल पुलिस स्टेशन पर मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार किया है । अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार युवक पिछले वर्ष जासूसी गतिविधियों में सक्रिय था। जिस पर खुफिया तौर से निगरानी रखी जा कर रही थी। जिसके बाद नवाब खान से जैसलमेर में विगत दिनों से सुरक्षा एजेंसियों द्वारा तलब कर पूछताछ की गई थी । पूछताछ पर जासूसी संबंधी गतिविधियों में लिप्त होने की पुष्टि होने पर संयुक्त पूछताछ हेतु 10 मार्च 2019 को संदिग्ध को जयपुर लाया गया। मिश्रा ने बताया कि जयपुर में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा गहन पूछताछ के उपरांत पाया गया कि नवाब खान शातिर तरीके से पाक हैंडलिंग ऑफिसर के इशारे पर कोड भाषा में गोपनीय सूचनाएं अपने मोबाइल फोन के द्वारा व्हाट्सअप या वॉइस कॉल का उपयोग कर भेजता था।  सीमावर्ती क्षेत्र में भारतीय सेना की गतिविधियों की सूचना उपलब्ध कराने हेतु पाक हैंडलिंग अधिकारी द्वारा नवाब खान को बकायदा टास्क देकर समय बद्ध तरीके से गोपनीय सूचनाएं ली जा रही थी तथा सूचनाओं की एवज में धनराशि उपलब्ध कराई जा रही थी। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस ने बताया कि पाक खुफिया एजेंसी द्वारा सूचना प्राप्ति के बाद नवाब खान को अग्रिम टास्क देकर प्रोत्साहित किया जाता था और भारी धनराशि उपलब्ध कराने की पेशकश की जा रही थी । नवाब पिछले वर्ष के शुरुआत में अपने माता पिता के साथ पाकिस्तान की धार्मिक यात्रा करने गया था । वहां पर इसके पिताजी के दूर के रिश्तेदार द्वारा एक होटल में पाक खुफिया एजेंसी के ऑफिसर से मुलाकात करवाई जिसके बाद नवाब खान को उनके द्वारा सामरिक महत्व की सूचना भारत में आने के बाद भेजने के लिए प्रशिक्षित कर संपर्क हेतु मोबाइल नंबर आदान-प्रदान कर लिया और नवाब खान को सूचनाओं की एवज में भारी धनराशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में 22 दिन रुकने के बाद भारत आने पर जैसलमेर-बाड़मेर क्षेत्र में अपनी सवारी गाड़ी से पर्यटकों को घुमाने के दौरान सेना की गतिविधियों की सूचना उपलब्ध कराने हेतु और कोड भाषा में शातिर तरीके से टास्क देकर निर्देशित किए जाने पर नवाब खान द्वारा जासूसी की कार्यवाही की जा रही थी।