1984 कत्लेआम के लिए हर जिम्मेवार कांग्रेसी को सजा होने तक सिख कौम लड़ाई जारी रखेगीः सुखबीर सिंह बादल
November 2, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो

नई दिल्ली।  शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा कि सिख कौम तब तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी, जब तक 1984 सिख कत्लेआम के लिए जिम्मेवार हर कांग्रेसी को सजा नही हो जाती। इसके साथ ही उन्होने श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर विशाल विज्ञापन लगाकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का गुणगान करने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सख्त निंदा की है।

आज यहां नई दिल्ली के कनाॅट प्लेस में पालिका पार्क में लगी एक फोटोग्राफी प्रदर्शनी की अध्यक्षता करने के बाद संगत को संबोधित करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि गांधी परिवार ने दिल्ली तथा दूसरी जगहों पर 1984 में हजारों सिखों का कत्लेआम करके लोकतंत्र का मजाक उड़ाया था तथा उसके बाद लगातार दोषियों को सरंक्षण देकर अपने पापों को ओर भी ज्यादा बड़ा किया है।उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह टैक्स देने वालों का पैसा इंदिरा गांधी के गुणगान पर खर्च करके पंजाब में उसी इंदिरा की नीति की पालना कर रहा है, जिसने श्री दरबार साहिब पर हमले का आदेश दिया था तथा श्री अकाल तख्त साहिब को तोपों तथा टैंकों से गिराया था। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री को सरकारी पैसा इंदिरा गांधी के गुणगान पर खर्च करके सिख संगत की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई अधिकार नही है। उन्होने कहा कि यदि वह सिखों के सबसे पवित्र स्थान पर हमले का आदेश देने वाली की याद को ताजा रखने के लिए इतना ही उत्सुक है तो उसे इस काम के लिए अपनी जेब से  पैसा खर्च करना चाहिए यां इसका बिल कांग्रेस आलाकमान से मांगना चाहिए। उन्होने कहा कि बतौर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह विज्ञापनों पर खर्चा पैसा उन पीड़ित विधवाओं को दे सकता था, जिनके जीवन साथी 1984 में सरकारी सरंक्षण से हुए सिख कत्लेआम की भेंट चढ़ गए थे। पर उसने ऐसा नही किया, क्योंकि विधवाओं की पीड़ा दूर करने में उसकी कोई दिलचस्पी नही है। वह इंदिरा गांधी की सराहना करके गांधी परिवार की नजरों में अच्छा बनना चाहता है तथा अपनी कुर्सी बचाना चाहता है। यह बेहद निंदनीय है कि एक मुख्यमंत्री को अपने लोगों पर हुए जुल्मों की बिल्कुल भी परवाह नही है।

फोटोग्राफी प्रदर्शनी के बारे में बोलते हुए सरदार बादल ने कहा कि यहां लगे विभिन्न चित्रों में इस कत्लेआम का सबूत साफ दिखाई दे रहा है। उन्होने कहा कि  सभी दोषियों को पकड़ा जा चुका है। कांग्रेसी उनका नेतृत्व कर रहे थे। इसके बावजूद गांधी परिवार ने इस केस में कोई कार्रवाई नही होने दी तथा इस कारण न्याय के रास्ते में अड़चन डाली क्योंकि वे खुद कत्लेआम में शामिल थी। ऐसा करने के लिए गांधी परिवार के खिलाफ केस दर्ज किया जाना चाहिए।

सरदार बादल ने घोषणा की कि फोटोग्राफी प्रदर्शनी हर साल लगाई जाएगी। उन्होने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां उन लोगों का पर्दाफाश करने में बड़ी भूमिका निभाएगी , जिन्होने 1984 कत्लेआम करवाया था तथा साथ ही कांगे्रस पार्टी द्वारा सिखों पर किए जुल्मों के प्रति लोगों को संवेदनशील बनाएंगी।

इस दौरान केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने दिल्ली में 1984 कत्लेआम के दौरान शहीद हुए सिखों को श्रद्धांजलि भेंट की। उन्होने उन काले दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय के प्रधानमंत्री की शह पर कांग्रेसी नेताओं ने सिखों के घरों पर हमले किए थे तथा पुलिस मूक दर्शक बनी रही थी। उन्होने सिख कत्लेआम के दोषियों  को सजा दिलाने के लिए दुनिया भर के सिखों को एकजुट रहने की अपील की।

इस अवसर पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अकाली दल दिल्ली से बाहर हुए सिख कत्लेआम के केसों को भी केंद्र सरकार के पास उठाएगा ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके। उन्होने उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में किस तरह बोकारों में रहते सिखों ने ऐसे केसों से अकाली दल अध्यक्ष को अवगत करवाया है।