दिल्ली कमेटी द्वारा 550वें प्रकाश पर्व  पर अलग अलग गुरुद्वारा साहिबान में विशाल कीर्तन समागम आयोजित
November 12, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो
# लोक सभा स्पीकर ओम बिड़ला, वित मंत्री निर्मला सीतारमन, अरविंद केजरीवाल सहित बड़ी गिनती में गणमान्य शख्सीयतों ने लिया भाग
नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी द्वारा गुरु नानक देव जी के 550वें  प्रकाश पर्व पर आज अध्यक्ष मनजिन्दर सिंह सिरसा की अगुवाई में अलग अलग गुरुद्वारा साहिबान में बड़े कीर्तन समागम आयोजित किये गये।
इन समागमों में लोक सभा स्पीकर ओम बिड़ला, वित मंत्री निर्मला सीतारमन, मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, सांसद प्रवेश वर्मा, बाबा रामदेव सहित जैन, मुस्लिम, ईसाई सभी धर्मों के मुखिया ने विशेष तौर पर भाग लिया।
गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब के लख्खीशाह बंजारा हाल में मुख्य समागम हुआ।
समागम को सम्बोधन करते हुए प्रधान मनजिन्दर सिंह सिरसा ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं जो 550वां प्रकाश पर्व मनाना हमारे  कार्यकाल में आया है।उन्होंने कहा कि दुनिया के बहुत से मुल्कों में गुरु नानक देव जी को पूजा जाता है। उन्होंने कहा कि गुरुपर्व पर सबसे बड़ा कार्य हमें गुरु साहिब के संदेश अनुसार यह करना चाहिए कि हमें पर्यावरण को बचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिख पर्यावरण की संभाल करने में अग्रणी है, यह संदेश देना समय की आवश्यकता है।
इस मौके पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संगत को 550वें प्रकाश पुरब की बधाई देते हुए कहा कि आज बहुत ही पवित्र दिन है जब संगत 550वां प्रकाश पर्व मना रही है। गुरु साहिब ने पूरी मानवता को रास्ता दिखाया। भले हिन्दु हो, मुसलमान यां किसी भी धर्म का व्यक्ति हो, गुरु साहिब ने किसी से भेदभाव नहीं किया। उन्होंने हमेशा सच्च के रास्ते पर चलने का संदेश दिया एवं जरुरतमंद की सेवा करने की शिक्षा दी। उन्होंने कहा कि हमें कोशिश करनी है कि उनके दिखाए रास्ते पर चलें।
योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि गुरु नानक साहिब सिर्फ सिखों के नहीं बल्कि पूरी मानवता के गुरु थे। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब द्वारा दिखाए मार्ग पर चलना हमारा फर्ज है। 
इस मौके पर जैन धर्म के मुखी लोकेश मुनी ने कहा कि गुरु नानक देव जी समुची मानवता के मसीहा थे। गुरु साहिब ने सभी को सेवा का संस्कार सिखाया। इन्डिया गेट पर शहीदों के जो नाम लिखे हैं उनमें 70 प्रतिशत नाम सिखों के हैं यह बहादुरी गुरु साहिब ने सिखों को दी। उन्होंने सिखों द्वारा लगाये जाते लंगर की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सिखों को कभी भी मौत से डर नहीं लगता। उन्होंने बताया कि जैन धर्म का सिखों से बहुत पुराना सम्बन्ध है।
समागम में एम सिंह डाली जिनकी किताब 10 भाषाओं में  छप चुकी है उनकी पुस्तक ''कल तारन गुरु नानक आया'' मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, श्री सिरसा एवं अन्य गणमान्य शख्सीयतों द्वारा रिलीज की गई।
इस मौके पर महासचिव हरमीत सिंह कालका ने कहा कि एक साल से हर गली मौहल्ले, शहर एवं हर देश में शताब्दी समागम बहुत ही बड़े स्तर पर मनाया गया, यह गुरु साहिब की अपनी महानता है।