दिल्ली की गलियों व सड़कों से बाबर व औरंगजेब के नाम हटाने के लिए आदेश जारी किये जायें-सिरसा
December 5, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो
दिल्ली।  दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने गृह मंत्री अमित शाह को अपील की है कि दिल्ली की गलियों व सड़कों से बाबर व औरंगजेब के नाम हटाने के लिए आदेश जारी किये जायें।
अमित शाह को लिखे एक पत्र में  सिरसा ने कहा कि उन्हें दिल्ली की सड़कों से बाबर व औरंगजेब के नाम हटाने के बारे में विचार करना चाहिए क्योंकि दोनों तानाशाह व ज़ालिम शासक थे। उन्होंने कहा कि बाबर ने जहां भी हमला किया वहां लोगों पर हर तरह से लूट व जुल्म किए । महिलाओं से बलात्कार किए, पुरूष लोग मार दिये गये उनके खिलाफ हर तरह का अत्याचार किया गया। जब गुरु नानक देव जी एम्नाबाद गये थे तो वहां बाबर द्वारा 1521 में तीसरी बार हमला किया गया था व सारा शहर उजाड़ दिया गया, लूट की गई व बलात्कार किये और ऐसा डरावना दृश्य पैदा किया कि गुरु साहिब ने प्रमात्मा के नाम पर उचारण किया, एती मार पई कुरलाणै तैं की दर्द ना आया?
स. सिरसा ने बताया कि मुगल तानाशाह औरंगजेब का भी ऐसा ही स्वभाव था जिसने जबरन हिन्दूओं को मुस्लमान बनाया व लाखों हिन्दूओं को मार दिया जिन्होंने धर्म परिवर्तन से इन्कार कर दिया। उन्होंने बताया कि औरंगजेब ने ही नौवीं पात्शाही श्री गुरु नेग बहादुर साहिब जी को 1675 में दिल्ली के चांदनी चैंक में शहीद किया व छोटे साहिबजादों को शहीद किया क्योंकि उन्होंने इस्लाम कबूल करने से मना कर दिया था।
उन्होंने आगे बताया कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने भी औरंगजेब को जफरनामा लिख कर कहा था कि फिर क्या हो गया अगर तूने मेरे चार बेटों को शहीद कर दिया मेरा खालसा अभी भी जीवित है।
दिल्ली कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि यह आम राय है कि ऐसे निर्दयी, अमानवीय व तानाशाह प्रवृति के लोग जिन्होंने महान गुरु साहिबान का नुकसान किया, के नाम पर सड़कों के नाम क्यों रखे जायें। उन्होंने कहा कि यह नाम तो दीवार टोडर मल, मोती राम मेहरा और शेर मुहम्मद खान जैसे महान लोगों के नाम पर रखे जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि दीवार टोडर मल सरहंद का रईस हिन्दू व्यापारी था जिसने गुरु गोबिंद सिंह साहिब के दोनों छोटे साहिबजादों व माता गुजरी जी के अंतिम संस्कार के लिए सोने की मोहरें बिछा कर जगह खरीदी थी जो आज भी दुनिया की सब से मंहगी जगह है। इस तरह मोती राम मेहरा ने ठंडे बुर्ज पर माता गुजरी जी और बाबा ज़ोरावर सिंह व बाबा फतहि सिंह को दूध पिलाया। उन्होंने बताया कि बाद में इन्हें कोहलू में दर्द देकर पीस दिया गया। इसी तरह शेर मुहम्मद खान मलेरकोटला के नवाब थे जिन्होंने छोटे साहिबज़दों को जीवित ही दिवारों में चुनवा दिया था और कहा था कि यह कुरान और इस्लाम के खिलाफ है।
स. सिरसा ने गृह मंत्री शाह को अपील की कि यह 70 वर्षों के दौरान हुई गलतियों को सुधारने का समय है क्योंकि बाबर और औरंगजेब के नामों से लोगों की भावनाओं को चोट पहुँचती है। उन्होंने कहा कि हमें इस देश के लोगों खासतौर पर सिखों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए दिल्ली के मुख्य मंत्री और एन.डी.एम.सी को यह हिदायत करनी चाहिए कि दिल्ली की गलियों व सड़कों से बाबर व औरंगजेब के नाम हमेशा के लिए मिटा दिया जाये और संगत इसके लिए हमेशा उनकी आभारी रहेगी।