दुनिया समझ ले पूरा कश्मीर हमारा है
November 3, 2019 •  देवानंद राय
( देवानंद राय)
इन दिनों कश्मीर फिर से चर्चा में है और हो भी क्यों ना कश्मीर भारत के मस्तक पर मुकुट के समान है जिसके केसर की महक दुनिया के हर कोने में पहुंची है ऋग्वेद के अनुसार सप्त ऋषि जिन्हें भगवान शिव ने सर्वप्रथम ज्ञान दिया था शिवपुराण भी इसकी पुष्टि करते हैं उन सब से ऋषि यों ने शिव से प्राप्त ज्ञान लेकर उस ज्ञान को अलग-अलग देशों और दिशाओं में फैलाया जिससे दुनिया के हर कोने में शैव धर्म योग और ज्ञान का प्रसार हुआ उन्हें सप्तर्षियों में से एक थे कश्यप वर्तमान कश्मीर उनकी ही भूमि कही जाती है पहले कश्मीर का नाम कश्यप था जो कालांतर में कश्यप से कश्मीर हो गया वैसे ही अनंतनाग जो कभी नागों के राजा शेषनाग की भूमि हुआ करती थी आज श्रीनगर जो मां लक्ष्मी से जुड़ा हुआ है तथा कई विद्वान इसे सूर्यनगर भी कहते हैं हाल ही में जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल बने गिरीश चंद मुर्मू ने बारामुला तथा अनंतनाग दोनों जिलों का दौरा किया यह दोनों जिले का अपना पौराणिक महत्व है शायद यही कारण है कि गिरीश चंद्र मुर्मू ने अपना पहला दौरा भी इन्हीं दोनों जिला से प्रारंभ किया बारामुला जो कभी भगवान विष्णु के दस अवतारों में से तीसरा अवतार वाराह जिन्होंने हिरण्याक्ष का वध कर मां धरती को दानवों के चंगुल से बचाया था रसातल में छिप चुकी पृथ्वी को भगवान विष्णु ने अपने दांत के ऊपर उठाकर बाहर लाए थे हिरण्याक्ष तथा हिरण्यकशिपु दोनों दति के पुत्र थे जबकि स्वयं भगवान विष्णु अदिति के दस पुत्रों में से एक थे। उस बारमुला को कभी वराह मूल के नाम से जाना जाता था इस प्रकार मुस्लिमों का कोई एक सबूत नहीं जो वह कह सकें कि यह उनकी भूमि है 14वीं शताब्दी में जब वह आए और उन्होंने तबाही शुरू की और हिंदुओं को भगाना शुरू किया तो कोई मानव अधिकार और उसका रोना रोने वाले संगठन चूँ तक नहीं किए पर जब से उस स्थिति को सुधारने के लिए नासूर बन चुके आर्टिकल 35ए और अनुच्छेद 370 को हटाया गया तो सब तथाकथित बुद्धिजीवी छाती पीटने लगे इस पर इन सब पर अब नमक छिड़क ते हुए भारत सरकार ने हाल ही में नवगठित केंद्र शासित राज्य जम्मू कश्मीर और लद्दाख का नक्शा जारी कर दिया जो से कटक कश्मीर से कन्याकुमारी के भाव को चरितार्थ कर रहा है तथा जिसमें एक देश एक विधान और सबसे पहले हिंदुस्तान साफ तौर पर झलक रहा है यह नक्शा जरूरी भी था क्योंकि कुछ दिनों पहले इस मुद्दे पर अपने भाव है टेढ़ी कर रहा था इस कारण हमने भी अक्साई चीन से लेकर गिलगित बालटिस्तान को भी लद्दाख में शामिल कर दिया सर्वे जनरल आफ इंडिया द्वारा जारी हाल ही में राजनीतिक नक्शे में पूरा गुलाम कश्मीर हमारा दर्शाया गया है जिससे दुनिया के कुछ देशों नापाक पाकिस्तान का साथ दे रहे हैं जिनकी संख्या मुट्ठी भर से भी कम है मलेशिया और तुर्की भारत का नया नक्शा देखने और दिमाग में डालने की कश्मीर हमारा आंतरिक मामला है जिस पर किसी दूसरे देश को कोई अधिकार नहीं कि उसमें टांग लड़ाई अब गुलाम कश्मीर जिसे पाक अधिकृत कश्मीर पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद हमीरपुर जिले को मिलाकर जम्मू कश्मीर में जिलों की संख्या 22 हो चुकी है 1947 में जम्मू कश्मीर में मात्र 14 जिले थे जो 2019 तक राज्य सरकारों ने इन 14 जिलों के क्षेत्रों को पुनः गठित करते हुए 28 जिले बनाए यहां पर यह जान लेना जरूरी है कि गिलगित और बालटिस्तान कोई नया जिला या जगाया नया प्रदेश नहीं है गुलाम कश्मीर में शामिल दो जिलों मुजफ्फराबाद और मीरपुर को आम बोलचाल में ही गिलगित और बालटिस्तान कहा जाता है भारत तो शुरु से ही गुलाम कश्मीर को अपना जमीन बताता है यही कारण है कि गुलाम कश्मीर की 24 सीटें जम्मू कश्मीर राज्य विधानसभा में खाली रखी जाती है राज्य में विधान परिषद भी अस्तित्व में थी 70 साल पुरानी विधान परिषद को जम्मू कश्मीर पुनर्गठन एक्ट की धारा के तहत हाल ही में खत्म कर दिया गया 36 सदस्यों की क्षमता वाले विधान परिषद में 30 सदस्य होते थे अब लगदा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ मॉडल के तरह काम करेगा हाल ही में एनआरजी स्टेडियम में हाउदी मोदी कार्यक्रम जो सितंबर में अमेरिका में हुआ था कुछ उसी तरह का कार्यक्रम अभी थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में सवार दी पीएम मोदी का कार्यक्रम नीमी पुत्र स्टेडियम में आयोजित किया गया उस कार्यक्रम में भी मोदी जी ने 370 के खात्मे का जिक्र किया तथा आतंकवाद पर लड़ने के लिए सभी देशों को एक साथ होने को कहा और भारत थाईलैंड म्यांमार हाईवे के द्वारा टूरिज्म ट्रेड बढ़ाने की बात कही थाईलैंड से हमारा रिश्ता आज का नहीं है यह रिश्ता हजारों साल पुराना है हम अगर जम्मू दीप से हैं तो वे स्वर्ण भूमि से हिंदू धर्म का काफी प्रभाव है थाईलैंड में थाईलैंड में राजा को राम कहा जाता है तथा थाईलैंड के राजा को भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है और तो और थाईलैंड का राष्ट्रीय प्रतीक गरुड़ है और राष्ट्रीय ग्रंथ रामायण जिसे थाई भाषा में राम- कियेन कहां जाता है जो बाल्मीकि रामायण पर आधारित है थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के सबसे बड़े हॉल का नाम रामायण हॉल है जो अपने विज्ञान भवन से दो गुना बड़ा है यहां तक कि राजपरिवार अयोध्या नामक शहर में रहता है थाईलैंड का एयरपोर्ट का नाम स्वर्ण भूमि एयरपोर्ट है यह सब बताने के लिए काफी है कि जिस देश में 95% बौद्ध हो वहां पर हिंदू धर्म का प्रभाव कितना है और वहां का पूर्वज गर्व से खुद को हिंदू का पूर्वज कहता है जबकि अपने यहां जय श्री राम कहने पर बवाल हो जाता है और हिंदुत्व की बात कहने पर संकीर्ण मानसिकता का कहा जाता है एक तरफ विपक्ष का बेवजह रोना और सीमा पार से आतंकियों का आना दोनों पर सरकार ने अपनी सूझबूझ से काम लिया है कर्फ्यू लगा कर दंगा भड़कने से रोका तो नेताओं को नजरबंद कर भड़काऊ बयानों द्वारा माहौल खराब होने से बचाया है जहां-जहां पाकिस्तान ने इस मुद्दे को उठाया वहां पर भारतीय कूटनीति के आगे बेबस और हर जगह मात्र खाता नजर आया है पर हाफिज सईद जैसे खतरनाक आतंकवादी के खाते से पैसे निकालने की अनुमति देकर यूनाइटेड नेशन अपने ही कामों पर संदेह भी पैदा कर आया है हमें दुनिया के किसी भी देश की कश्मीर पर सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले कूट नीतियों और चालू को नाकाम करने के लिए एक यूरोपीय डेलिगेशन का दौरा हाल ही में कश्मीर में हुआ जिससे फायदा यह हुआ कि यूरोपीय देश भी अमेरिका फ्रांस जर्मनी रूस की तरह भारत के पक्ष में खड़े हो गए अभी भारत ने जब गुलाम कश्मीर और अक्साई चीन को जब अपने नक्शे में दर्शा दिया है तो मतलब पर्दे के पीछे बहुत कुछ हो रहा है और आने वाले समय में बहुत कुछ होगा भी क्योंकि दिवाली पर सीमा पर पहुंचे पीएम मोदी ने जवानों  से कहा कि गुलाम कश्मीर की कसक उनके मन में अब भी है अब इमरान कश्मीर नहीं अपनी तशरीफ़ बचाएं क्योंकि वहां पर भी आजादी की मांग हो रही है और बाकी हम गुलाम कश्मीर को तो आजाद कश्मीर बना कर ही रहेंगे पर उससे पहले चीन यह समझ ले कि पूरा कश्मीर और अक्साई चीन भी हमारा है।