इंटरनेट ने कोरोना काल मे जीवन को बनाया सरल
May 17, 2020 • डॉ. प्रभात कुमार सिंघल
(डॉ. प्रभात कुमार सिंघल)
आज के त्वरित दूर संचार साधनों के विकास ने सूचना   आदान -प्रदान के क्षेत्र में अभूतपर्व क्रांति का सूत्रपात किया है। टेलीग्राफ से लेकर इंटरनेट के आते-आते सूचना प्रवाह अकल्पनीय बन गया। आज 17 मई को जबकि विश्व दूर संचार दिवस का आयोजन प्रति वर्ष 1969 से किया जा रहा है इंटरनेट की उपयोगिता पर चर्चा कर रहे हैं।
        इंटरनेट ने संचार क्षेत्र में जिस तेजी से अपनी पहचान बनाई और शक्ति का अहसास कराया दुनिया मुठ्ठी में सिमट कर रह गई। इंटरनेट के विकास का ही परिणाम है कि छोटे से मोबाइल से हम सम्पूर्ण विश्व के किसी भी कोने के बारे में घर बैठे आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। संसार में क्या घटित हो रहा है पल-पल की सूचना प्राप्त कर सकते है। घर पर ही नहीं कहीं भी क्यों न हो , बस में,रेल में, हवाईजहाज में, समुद्री जहाज में, आफिस में,बाजार में कोई जगह ऐसी नहीं की जहां  इंटरनेट की पहुँच न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस माध्य्म ने अपनी प्रभावी पैठ बनाली है।
      सर्वव्यापी और सार्वभौम बन गया है सूचना क्रांति का यह माध्य्म। इस के महत्व को इसी से समझ जा सकता है कि मोबाइल का नेट चार्ज कब खत्म हो रहा है हमें चिंता बनी रहती है। किसी भी अन्य काम में हम विलंब कर देते हैं पर नेट का चार्ज समय पर ही करा लेते हैं। ऐसा न हो कि नेट खत्म हो जाये। इंटरनेट पर
आधारितमोबाइल,टीवी,कंप्यूटर,लेपटॉप आदि साधन हमारी जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। आज के दिन संचार माध्यमों के महत्व के प्रति जागरूक करते हैं। हमारा भारत देश दूर संचार क्रांति की वजह से ही विकासशील देशों में तेजी से आगे बढ़ा है और हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूती को भी पंख लगे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत लम्बी छलांग लगा रहा है।
        दूरसंचार के इस माध्य्म ने जीवन का कोई भी क्षेत्र ऐसा नही छोड़ा जो अछूता हो। मनोरंजन के साथ-साथ, शिक्षा, स्वास्थ्य
तकनीकी,व्यापार,कृषि,रोजगार, उद्योग ,पर्यावरण आदि क्षेत्रों में बहुआयामी जागरूकता और विकास के साथ-साथ संस्कृति संरक्षण, धर्म एवं आध्यात्म का वातावरण बनाने का प्रभावी माध्य्म बन गया है। अनेक वेब साइट और एप्स हैं विभिन्न जानकारी प्राप्त करने के लिए। चैनल्स पर निरंतर नवीन समाचारों का प्रसारण होता रहता हैं।  
      कोरोना महामारी की विषम परिस्थिति में जब कि सभी को घर मे रहने को बाध्य होना पड़ रहा है ऐसे में यह माध्य्म वरदान सिद्ध हो रहा है। बच्चें इस माध्य्म से पेंटिंग्स,संगीत,नृत्य,वाद्य वादन,वीडियो बनाना सीखने के साथ-साथ शिक्षा में भरपूर उपयोग कर अपनी रचनात्मकता को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं। धार्मिक,सामाजिक सीरियल्स, फिल्म्स आदि परिवार का मनोरंजन कर रहे हैं। फोन कॉल,वीडियो कॉल्स, व्हाटऐप्स आदि से प्रियजनों के हालचाल मालूम कर रहे हैं। कोरोना की स्थिति की ताजा अपडेट  और इस से जुड़ी हर नई गतिविधि की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
       इंटरनेट माध्य्म जहां जीवनशैली में वरदान के रूप में जुड़ गया वही इस से साइबर क्राइम, अश्लीलता जैसी चुनोतियाँ भी सामने हैं। हमें इनसे सावधान रह कर अफवाहों से भी बचना होगा।