Odd Even पर कपिल मिश्रा ने केजरीवाल सरकार को घेरा
November 2, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो
पिछली बार जब Odd Even योजना लाई गई तो 15 दिन के बाद उसका रिव्यु हुआ
 
रिव्यु में ये बात निकल कर आई कि केवल Odd Even से पॉल्युशन कम नहीं होगा, सरकार को और भी बहुत से कदम उठाने होंगे
 
एक खास रिव्यु रिपोर्ट बनाई गई जिसमें कुछ निर्णय लिए गए जैसे
 
1. पब्लिक ट्रांसपोर्ट बढ़ाना होगा, डीटीसी की दस हजार नई बसें तुरंत दिल्ली की जरूरत हैं
 
2. बीजिंग की तर्ज पर स्मोग फ्री टॉवर लगाने होंगे
 
3. मेट्रो फेज फोर शुरू करना होगा
 
4. सड़को की वैक्यूम क्लीनिंग करने होंगी
 
5. दिल्ली की सभी सड़को को डस्ट फ्री सड़को में बदलना होगा
 
6. दुनिया के कई बड़े शहरों की तरह बड़े बड़े एयर प्यूरीफायर लगाने होंगे
 
7. कार फ्री डे को बढ़ावा देना होगा
 
8. आफिस व स्कूलों की टाइमिंग बदलनी होंगी
 
9. लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए बड़े कदम उठाने होंगे
 
10.इलेक्ट्रिक बसों को खरीदना होगा
 
11. ऑड इवन का प्रोटोकॉल बनाना होगा जिससे जब भी एक खास स्तर से ज्यादा हवा खराब हो ऑड ईवेन अपने आप लागू हो जाएं
 
12. ऑड ईवेन टू व्हीलर्स पर भी लागू करना होगा
 
13. पराली के पॉल्युशन को रोकनव के लिए दिल्ली सरकार सीधे किसानों से पराली खरीद लेगी, इसके लिए बजट का प्रावधान किया जाएगा
 
आज जब पांच साल बाद दुबारा ऑड ईवेन लागू हो रहा है तब इनमें से एक भी कदम नहीं उठाया गया हैं
 
1300 रुपये का पर्यावरण सेस का पैसे में से दिल्ली की केजरीवाल सरकार एक रुपया खर्च नहीं कर पाई हैं
 
नई बसों के लिए ट्रांसपोर्ट का फंड बिना खर्च किये बेकार पड़ा हैं
 
पॉल्युशन कम करने के अध्ययन के  नाम पर सतेंदर जैन, गोपाल राय और आशीष खेतान स्विट्ज़रलैंड, स्वीडन और कई अन्य देशों का दौरा करके आ चुके हैं।
 
केजरीवाल सरकार लगभग सौ करोड़ रुपये प्रति माह के विज्ञापन पिछले तीन महीने से लगातार कर रही थी कि हमने पॉल्युशन कम कर दिया, जबकि बारिश में पॉल्युशन कम होता ही हैं।
 
अब केजरीवाल सरकार ने Odd Even के नाम पर 15 दिन में लगभग 250 करोड़ रुपये के विज्ञापन करने का निर्णय लिया हैं।
 
कुलमिलाकर जनता का पैसा उड़ाया जा रहा हैं।
 
पिछले पांच सालों में पॉल्युशन कम करने का कोई एक भी कदम, कोई एक भी कदम केजरीवाल सरकार गिनवा नहीं सकती। 
 
आप और हम, हमारे बच्चें, माता पिता सब जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं।
 
हर अखबार और टीवी पर केजरीवाल का चेहरा देखिये, पटाखों को और किसानों को गाली दीजिए और एक लंबी गहरी जहर से भरी सांस लेकर ईश्वर से प्रार्थना कीजिये कि ये जहर हमें मौत के मुंह मे ना ढकेले। 
 
(ये खबर जस के तस दी जा रही है)