सीबीआरई ने भारत में अपने फाउन्डेशन- ‘सीबीआरई केयर्स’ लाॅन्च किया
October 22, 2019 • प्रथम स्वर ब्यूरो

# देश के प्रवासी मज़दूरों (महिलाओं और बच्चों) की स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए एक अनूठी पहल 
# इस मिशन के लिए सीबीआरई शीर्ष पायदान के कोरपोरेट्स एवं संगठनों के साथ करेगी साझेदारी 

 नई दिल्ली।  दुनिया की अग्रणी रियल एस्टेट कन्सल्टिंग फर्म सीबीआरई साउथ एशिया प्रा लिमिटेड ने आज भारत में अपने फाउन्डेशन, फर्म के कोरपोरेट फिलान्थ्रोपी प्रोग्राम- 'सीबीआरई केयर्स' का लाॅन्च किया है और देश भर के विभिन्न क्षेत्रों में प्रवासी मजदूरों की स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी समस्याओं के समाधान की शपथ ली है। देश में सीबीआरई के 25 साल पूरे होने के अवसर पर सीबीआरई केयर्स का लाॅन्च किया गया है। 
विश्वस्तरीय प्रोग्राम सीबीआरई केयर्स के भारतीय संस्करण सीबीआरई केयर्स- एक पहल का लाॅन्च सीबीआरई ग्रुप, इंक के प्रेज़ीडेन्ट एवं चीफ़ एक्ज़क्टिव ऑफिसर राॅबर्ट ई. सुलेन्टिक और अंशुमन मैगज़ीन, चेयरमैन और सीईओ, भारत, दक्षिण पूर्वी एशिया, मध्यपूर्व और अफ्रीका द्वारा किया गया।
नेशनल सैम्पल सर्वे ऑफिस के आंकड़ों के अनुसार देश में निर्माण क्षेत्र तीसरा सबसे बड़ा नियोक्ता है जो तकरीबन 50 मिलियन लोगों को रोज़गार देता है। इनमें बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और उनके परिवार शामिल होते हैं, जिन्हें मूल स्वास्थ्य सेवाएं तक नही मिल पातीं। वे कुपोषण, असुरक्षित एवं गैर-हाइजीनिक वातावरण की समस्याओं से जूझते रहते हैं और उनमें इन विषयों को लेेकर जागरुकता की कमी होती है। प्रवासी मजदूरों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए मूल स्वास्थ्य सेवाओं की इन खामियों को दूर करने के लिए ही प्रोग्राम 'एक पहल' की शुरूआत की गई है। 
प्रोग्राम के लाॅन्च के दौरान बात करते हुए  सुलेंटिक ने कहा, ''सीबीआरई अपने इस प्रोग्राम 'एक पहल' के माध्यम से एक बड़ा बदलाव लाना चाहती है, हम विभिन्न क्षेत्रों में प्रवाासी मजदूरों और उनके परिवारों पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करना चाहते हैं। सीबीआरई में हम समाज को कुछ देने मेें भरोसा रखते हैं और मुझे विश्वास है कि 'एक पहल' अन्य लोगों को भी इस नेक काज के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी।
लाॅन्च के अवसर पर अंशुमन मैगज़ीन, चेयरमैन एवं सीईओ, भारत, दक्षिण-पूर्वी एशिया, मध्यपूर्व और अफ्रीका, सीबीआरई ने कहा, ''हमें गर्व है कि हम सीबीआरई फाउन्डेशन को भारत ला रहे हैं। प्रवासी मजदूरों को सहयोग प्रदान करना हमारी ज़िम्मेदारी है और 'एक पहल' एक बड़े उद्देश्य की दिशा में मात्र एक शुरूआत है। हमें विश्वास है कि हमारा यह योगदान समाज कल्याण में महत्वपूर्ण साबित होगा।'' 
आने वाले महीनों में सीबीआरई चैरिटेबल संगठनों के सहयोग से सीबीआरई केयर्स के बड़े उद्देश्यों को हासिल करने के लिए प्रयास करेगी। चैरिटेबल संगठनों के सहयोग से प्रवासी मज़दूरों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। 
देश में प्रवासी मजदूरों की कुछ मुख्य समस्याएं हैं- उपेक्षा, असुरक्षित वातावरण, कुपोषण, अस्थिरता, स्कूली शिक्षा बीच में छूट जाना, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्यसेवाओं की कमी, बेहतर जीवन के लिए उम्मीदों का अभाव।